योगी सरकार की ओडीओसी खाद्य पहल को मिला वैश्विक मंच, वॉलमार्ट और आईआईएम के साथ हुए समझौते
योगी सरकार की 'एक जिला, एक व्यंजन' पहल को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में वैश्विक मंच मिला है। इस ...और पढ़ें

HighLights
ओडीओसी खाद्य पहल को यूपी ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिला।
वॉलमार्ट वृद्धि, आईआईएम, बिड़ला एयरकॉन के साथ महत्वपूर्ण एमओयू हुए।
पांच दिनों में ₹66.49 करोड़ का कारोबार, 2,223 व्यापारिक पूछताछ दर्ज।
डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक-पाक परंपरा, स्थानीय स्वाद और सदियों पुरानी खानपान की विरासत को वैश्विक बाजार से जोड़ने के योगी सरकार के विजन को एक नया और ऐतिहासिक विस्तार मिला है। हाल ही में संपन्न हुए 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026' में सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला, एक व्यंजन’ पहल ने न केवल प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक जायके की छाप छोड़ी, बल्कि इसे बड़े कॉरपोरेट और तकनीकी घरानों का साथ भी मिला। ट्रेड शो के दौरान ओडीओसी ने वॉलमार्ट वृद्धि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग और बिड़ला एयरकॉन जैसे दिग्गज संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त, CFTRI (सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) और FSSAI भी इस मुहिम में आधिकारिक साझेदार के रूप में शामिल हुए हैं।
5 दिनों में ₹66.49 करोड़ का कारोबार
UPITS-2026 के हॉल नंबर-16 में स्थित ओडीओसी पवेलियन में 25 से 29 सितंबर के बीच कारोबार के अभूतपूर्व आंकड़े दर्ज किए गए। पांच दिनों के भीतर यहां कुल ₹66.49 करोड़ से अधिक की B2B और B2C गतिविधियां संपन्न हुईं। 2,223 ट्रेड इंक्वायरी दर्ज की गईं, जो यह साबित करती हैं कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों में भारी उत्साह है।
पैकेजिंग से लेकर फूड सेफ्टी तक: पूरी सप्लाई चेन होगी मजबूत
ओडीओसी के तहत हुए ये समझौते केवल उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह खाद्य उत्पादों की पूरी वैल्यू चेन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग की मदद से स्थानीय उत्पादों की शेल्फ-लाइफ बढ़ाई जाएगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग तैयार होगी।CFTRI तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि FSSAI की भागीदारी से खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को मजबूती मिलेगी। वॉलमार्ट वृद्धि के साथ हुए एमओयू से छोटे और स्थानीय उत्पादकों को वॉलमार्ट के विशाल ग्लोबल रिटेल नेटवर्क तक सीधी पहुंच मिलेगी।
'ब्रज की मिठास' से लेकर 'अवध के जायके' तक
ओडीओसी पवेलियन में पूरे उत्तर प्रदेश के खानपान को 6 मुख्य सांस्कृतिक खंडों में बांटकर प्रदर्शित किया गया था—‘ब्रज की मिठास’, ‘अवध का जायका’, ‘रुहेली रसधार’, ‘बुंदेली बहार’, ‘पश्चिमी परिमल’ और ‘पुरबिया स्वाद’।
इस पहल का सीधा फायदा जमीनी स्तर के पारंपरिक खाद्य उद्यमियों को मिला है। मेला अवधि के दौरान 'गोंडा कचौड़ी जंक्शन' को 150 से अधिक बी2बी पूछताछ और हजारों की प्रत्यक्ष बिक्री मिली, वहीं आजमगढ़ की 'लौंगलता', रामपुर के 'हब्शी हलवा', उन्नाव के सक्षम एंटरप्राइजेज और अयोध्या के 'मौर्य मिष्ठान भंडार' जैसे उत्पादों को वैश्विक खरीदारों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला।
विरासत से विकास की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओडीओसी नीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खाद्य कला को मात्र सांस्कृतिक पहचान तक सीमित न रखकर उसे एक बड़े ब्रांड और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के स्रोत के रूप में विकसित करना है। UPITS-2026 की यह ऐतिहासिक सफलता यह सिद्ध करती है कि उत्तर प्रदेश का पारंपरिक स्वाद अब अपनी भौगोलिक सीमाओं को लांघकर वैश्विक बाजार में अपनी नई और मजबूत पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
