लखनऊ, जागरण संवाददाता। एसटीएफ और इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया (एसडीपीआइ) के नेता अहमद बेग को रविवार रात बहराइच लेकर पहुंची। यहां उससे घंटों पूछताछ हुई। जिसके आधार पर खुफिया विभाग और एसटीएफ की टीम ने नेपाल की सीमा से सटे रिसिया शैदा बभनी गांव से शिक्षक व उसके भाई समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया।

खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए शिक्षक, उसके भाई और साथी ने एनआरसी-सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन और उपद्रव में अहम भूमिका निभाई थी। खुफिया विभाग को तीनों के खिलाफ कुछ साक्ष्य भी मिले हैं। अब उपद्रव में इनकी भूमिका के बारे में जांच की जा रही है। तीनों से जुड़ा एक अन्य व्यक्ति जो अभी खुफिया विभाग की गिरफ्त से बाहर है वह नेपाल भाग गया है।

भनक लगते ही बहराइच से हो गया था फरार

लखनऊ में हुई छापेमारी की भनक लगते ही वह बहराइच छोड़कर चला गया था। खुफिया एजेंसियां उसके बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं। पकड़ा गया शिक्षक बहराइच के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ाता है। उल्लेखनीय है एसडीपीआइ नेता अहमद बेग को एसटीएफ ने खदरा स्थित एक मस्जिद के पास से दबोचा था। उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने अहमद बेग को रिमांड पर लिया। सोमवार को रिमांड का तीसरा दिन था। जिसमें खुफिया एजेंसी और एनआइए ने बहराइच जाकर गहन पूछताछ की।

पीएफआइ से जुड़ने के बाद बदल गई आर्थिक स्थिति

खुफिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पीएफआइ से जुड़ने के बाद शिक्षक और उसके भाई की स्थिति में काफी सुधार हुआ। पीएफआइ और उससे जुड़े हुए संगठनों से दोनों को काफी रुपया मिलने लगा। दोनों का काम था कि अधिक से अधिक गैर मुस्लिम लोगों का धर्म परिवर्तन कराएं।

Edited By: Vrinda Srivastava

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