यूपी : वज्रपात और दीवार ढहने से छह की मौत, मां के साथ खेत जा रहे भाई-बहन पर बिजली गिरने से चली गई जान
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच वज्रपात और दीवार गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जिसमें ...और पढ़ें

HighLights
रायबरेली में खेत जा रहे भाई-बहन की वज्रपात से मौत।
बदायूं में दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की जान गई।
मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट।
जागरण टीम, लखनऊ। मानसून अब पूरे प्रदेश में रफ्तार पकड़ चुका है। इससे जहां किसानों और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं लोगों को प्राकृतिक आपदा से भी बचाव के लिए जूझना पड़ रहा है। गुरुवार को रायबरेली में छाता लेकर खेत जा रहे भाई-बहन वज्रपात की चपेट में आकर जान गंवा बैठे।
आजमगढ़ में एक मजदूर भी वज्रपात की चपेट में आकर जान गंवा बैठा। बदायूं में दीवार गिरने से छह वर्षीय दो बच्चों की मौत हो गई। फतेहपुर में बिजली गिरने से धान की नर्सरी में खाद डालने गए किसान की मृत्यु हो गई।
रायबरेली के खीरों में स्कूल से वापस आकर मां के साथ धान की रोपाई देखने खेत जा रहे भाई-बहन की वज्रपात की चपेट में आ जाने से मौत हो गई। खीरों निवासी निवासी विजय कुमार लुधियाना में मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी शिवकांती गांव में तीन बच्चों के साथ रहती हैं।
बताया गया है कि गुरुवार को आठ वर्षीय अभिषेक और छह वर्षीय अंजली स्कूल से लौटने के बाद अपनी मां के साथ खेत में धान की रोपाई देखने जा रहे थे। छह माह का अंकुश अपनी मां की गोद में था, जबकि अभिषेक और अंजली छाता लेकर चल रहे थे। गरज के साथ बिजली गिरी, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।
दीवार गिरने से अंशु और कृषिका की मौत
बदायूं में दीवार गिरने से आठ वर्षीय अंशु और छह वर्षीय कृषिका की मौत हो गई, एक अन्य मकान का लिंटर गिर गया। पीलीभीत में शारदा पर अस्थाई पुल बह गया। बरेली और शाहजहांपुर में हल्की वर्षा हुई, कोई हानि नहीं है।
आजमगढ़ में वज्रपात का शिकार हुआ मजदूर 26 वर्षीय हरेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह मजदूरी कर परिवार की जीविका चलाता था। कानपुर, बुंदेलखंड व आसपास जिलों में गुरुवार को कई जगह हल्की बूंदाबांदी हुई और आसमान पर बादल छाए रहे। कानपुर का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बांदा का 34 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
आगरा में दिन में कभी बादल छाए तो कभी धूप निकली। मुरादाबाद व आसपास के जिलों में गुरुवार को बारिश तो नहीं हुई, हालांकि दिन में धूप-छांव का खेल खूब चला। मेरठ में सुबह से दोपहर तक बादल छाए रहे लेकिन बरसात नहीं हुई। दोपहर बाद धूप निकली। गुरुवार को प्रदेश के 50 जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे भी नीचे रहा।
लखनऊ में दिन का पारा 35.3 डिग्री और रात का 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। किसानों को भी सलाह दी गई है कि मौसम को देखते हुए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें और आकाशीय बिजली के दौरान खेतों में काम करने से बचें। लोगों से पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने तथा बिजली कड़कने के समय सुरक्षित भवनों में शरण लेने को कहा गया है।
आज से सात जुलाई तक 45 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार से सात जुलाई के बीच तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज रहेंगी।
शुक्रवार और शनिवार को गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका अधिक है, जबकि पांच और छह जुलाई को कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार कई दिनों तक भारी बारिश का दौर बना रहने का अनुमान है। बरसात के कारण अधिकतम तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे भीषण उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि लगातार वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
