यूपी में दीपावली से पहले श्रमिकों को तोहफा, प्रदेश में बढ़ी न्यूनतम मजदूरी; महंगाई भत्ते की नई दरें लागू
दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी वृद्धि का लाभ मिलेगा। सरकार ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की ...और पढ़ें

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HighLights
दीपावली से पूर्व श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी वृद्धि का लाभ।
परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी।
मासिक मजदूरी में 174.25 से 238.39 रुपये तक वृद्धि।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दीपावली से पहले प्रदेश के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। सरकार ने प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की नई दरें निर्धारित की हैं। इससे अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक की वृद्धि हुई है। नई दरें एक अक्टूबर से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।
श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, मजदूरी में संशोधन जनवरी से जून तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया। इससे महंगाई के अनुरूप श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिल सकेगा।
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये, अर्द्धकुशल की 15,059 से 15,271.41 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 से 17,106.39 रुपये कर दी गई है। इन श्रेणियों में क्रमशः 193.59 रुपये, 212.41 रुपये और 238.39 रुपये की मासिक वृद्धि होगी।
इनका भी बढ़ा भत्ता
नगर निगम वाले अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,006 से बढ़कर 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल की 14,306 से 14,507.46 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,025 से 16,250.86 रुपये हो गई है। यहां मासिक वृद्धि 183.68 से 225.86 रुपये तक है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,356 से बढ़कर 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल की 13,590 से 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों की 15,224 से 15,438.42 रुपये हो गई है।
इस श्रेणी में 174.25 से 214.42 रुपये तक अधिक मिलेंगे। महंगाई भत्ते की गणना 400 अंकों के आधार स्तर से ऊपर सूचकांक में हुई वृद्धि के आधार पर की गई है। दैनिक न्यूनतम मजदूरी मासिक दर का 1/26 होगी। पहले से अधिक मजदूरी पाने वाले कर्मचारियों का वेतन कम नहीं किया जाएगा। श्रम विभाग ने नियोजकों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को श्रमिकों की कुशलता और क्षेत्र के अनुसार नई दरों से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है।
