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लखनऊ को 1010 बेड का नया अस्पताल, मेरठ में लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर; यूपी के मेडिकल कॉलेजों की बदल रही तस्वीर

Published: Fri, 11 Sep 2026 04:21 PM (IST)

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है। 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. लखनऊ में 855 करोड़ से 1010 बेड का नया अस्पताल प्रस्तावित।

  2. मेरठ में लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर अब लेवल-1 में अपग्रेड होगा।

  3. नर्सिंग कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन के अभूतपूर्व विस्तार के बाद योगी सरकार अब चिकित्सा संस्थानों के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं को हाई-टेक करने जा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शिलान्यास और लोकार्पण के लिए तैयार हैं।

इनमें 1,400.70 करोड़ रुपये की 44 नई परियोजनाओं का शिलान्यास और 206.13 करोड़ रुपये की 21 तैयार परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। सरकार का यह कदम केवल नए भवन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बढ़ी हुई मेडिकल सीटों के अनुरूप हॉस्टल, नर्सिंग कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर और ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित कर पूरे सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना है।

लखनऊ में 855 करोड़ से 1010 बेड का नया अस्पताल

प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे बड़ी सौगात राजधानी लखनऊ को मिलने जा रही है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RML) के गोमतीनगर विस्तार स्थित नए परिसर में करीब 855.04 करोड़ रुपये की लागत से 1010 बेड के नए अस्पताल भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ही, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 43.68 करोड़ रुपये से आधुनिक कैंटीन और कानपुर मेडिकल कॉलेज में 49.40 करोड़ रुपये की लागत से नया संक्रामक रोग चिकित्सालय बनाया जाएगा।

मेरठ में ट्रॉमा से लेकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य तक का विस्तार

मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर को अब 48.15 करोड़ रुपये खर्च कर 100 बेड के 'लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर' में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, बाल रोग विभाग में 34.82 करोड़ रुपये से नया एमसीएच सेंटर बनेगा। मरीजों के इलाज के साथ ही यहां सीवरेज व्यवस्था, महिला-पुरुष पीजी छात्रावास, 10 एमएलडी एसटीपी और जलापूर्ति सिस्टम जैसी कैंपस की बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मेडिकल सीटों के साथ अकादमिक और आवासीय सुविधाओं पर जोर

योगी सरकार की रणनीति है कि मेडिकल सीटों के विस्तार के साथ छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं भी मिलें। झांसी मेडिकल कॉलेज में लेक्चर थिएटर, वातानुकूलित पुस्तकालय और परीक्षा हॉल के लिए 28.44 करोड़ रुपये तथा 272 बेड के यूजी बालिका छात्रावास के लिए 26.89 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसी तरह, एटा, कुशीनगर और अयोध्या मेडिकल कॉलेज में भी 100-100 बेड के इंटर्न, बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण की तैयारी है।

नर्सिंग एजुकेशन और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की छलांग

प्रदेश में कुशल नर्सिंग स्टाफ तैयार करने के लिए गोंडा, सहारनपुर और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, बहराइच, अयोध्या और हरदोई में बने नर्सिंग कॉलेजों का लोकार्पण होगा। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के मोर्चे पर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 18.22 करोड़ रुपये की लागत से बनी किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन यूनिट लोकार्पण के लिए तैयार है, जो गंभीर मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगी।

इन 65 परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा न केवल आधुनिक होगा, बल्कि मेडिकल छात्रों और मरीजों दोनों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और सहूलियतें मिल सकेंगी। जौनपुर, मिर्जापुर, बस्ती और शाहजहांपुर जैसे जिलों में गेस्ट हाउस, ध्वनिरोधक लेक्चर हॉल और आवास निर्माण जैसी योजनाएं इस समग्र विकास का स्पष्ट प्रमाण हैं।