लखनऊ, जेएनएन। UP Lockdown Effect: शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्‍यमंत्री को पत्र भेजकर शराब की दुकानें खोलने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि शराब दुकानें नहीं खुलने से सैंकडों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। वहीं, प्रतिदिन सौ करोड़ का नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या के मुताबिक, प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से करोना महामारी में घोषित कर्फ्यू में शराब की दुकानें बंद है।

शराब की दुकानें बंद करने का शासन द्वारा शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश दिया है। इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग प्रदेश सरकार से कर रहे हैं।

प्रदेश में 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू : संपूर्ण लॉकडाउन का फैसला अभी सरकार ने नहीं किया है, लेकिन कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए धीरे-धीरे कदम उसी दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं। पंचायत चुनाव के बाद गांवों में तेजी से फैल रहे संक्रमण और 14 मई को ईद के त्यौहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कोई भी खतरा मोल न लेते हुए लॉकडाउन को एक हफ्ते के लिए फिर बढ़ा दिया है। 29 अप्रैल को शनिवार-रविवार की साप्ताहिक बंदी से शुरुआत हुई, फिर इसे चार मई, छह मई और फिर दस मई यानी सोमवार तक बढ़ाया गया। अब योगी सरकार ने फिर से कोरोना कर्फ्यू 17 मई सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया है। यह पांचवीं बार कोरोना कर्फ्यू को विस्तार दिया गया है।

 

Edited By: Divyansh Rastogi