अब इंडस्ट्री तय करेगी सिलेबस, यूपी के आईटीआई में लागू होगा 'हब एंड स्पोक' मॉडल; जॉब के लिए नहीं भटकेंगे युवा
उत्तर प्रदेश सरकार 'पीएम-सेतु' योजना के तहत राजकीय आईटीआई संस्थानों को सीधे उद्योगों से जोड़ रही है, जिससे युवाओं को ...और पढ़ें
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HighLights
उद्योग तय करेंगे आईटीआई का सिलेबस और प्रशिक्षण प्रक्रिया।
'पीएम-सेतु' योजना के तहत 'हब एंड स्पोक' मॉडल लागू होगा।
युवाओं को स्थानीय उद्योगों में आसानी से रोजगार मिलेगा।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। अक्सर देखा जाता है कि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) से पढ़ाई करने के बाद भी युवाओं को नौकरी के लिए भटकना पड़ता है क्योंकि उनकी ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के बीच बड़ा अंतर होता है। इस दूरी को पाटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार की 'पीएम-सेतु' (PM-SETU) योजना के तहत प्रदेश के राजकीय आईटीआई संस्थानों को सीधे उद्योगों (Industries) के साथ जोड़ा जाएगा। अब उद्योग केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि युवाओं का सिलेबस तय करने से लेकर उन्हें ट्रेनिंग देने तक में सीधी भूमिका निभाएंगे।
पहले चरण में यूपी के इन 8 शहरों में बनेगा इकोसिस्टम
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, पहले चरण में प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों- कानपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा का चयन किया गया है। इन शहरों के राजकीय आईटीआई क्लस्टरों में उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लक्ष्य यह है कि इन शहरों के स्थानीय उद्योगों की डिमांड के हिसाब से ही युवाओं को ट्रेनिंग दी जाए, ताकि कोर्स पूरा होते ही उन्हें अपने ही क्षेत्र में आसानी से रोजगार मिल सके।
'एंकर इंडस्ट्री पार्टनर' निभाएंगे सबसे अहम रोल
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत 'एंकर इंडस्ट्री पार्टनर' (AIP) व्यवस्था है। यूपी सरकार ने 200 से अधिक कर्मचारियों वाले पात्र उद्योगों, पीएसयू (PSU) और संस्थाओं से इसमें भागीदारी के लिए आवेदन मांगे हैं। ये पार्टनर राज्य सरकार के साथ मिलकर यह तय करेंगे कि आज के समय में किस तरह की आधुनिक मशीनों, तकनीकों और स्किल्स की जरूरत है। दाखिले से लेकर, नई मशीनों पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OJT), और फाइनल प्लेसमेंट तक की पूरी जिम्मेदारी में इंडस्ट्री की सीधी दखलअंदाजी होगी।
60 हजार करोड़ का निवेश और 'हब एंड स्पोक' मॉडल
पूरे देश में आईटीआई के कायाकल्प के लिए 'पीएम-सेतु' के तहत अगले पांच वर्षों में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का खाका तैयार किया गया है। इसमें केंद्र (50%), राज्य (33%) और उद्योगों (17%) की हिस्सेदारी होगी। इस योजना के तहत संस्थानों को 'हब एंड स्पोक' मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि एक मुख्य 'हब' आईटीआई को वर्ल्ड-क्लास मशीनों और सुविधाओं से लैस किया जाएगा और आस-पास के छोटे (स्पोक) आईटीआई को उससे जोड़ दिया जाएगा। इससे छोटे संस्थानों के बच्चे भी हब की अत्याधुनिक लैब और विशेषज्ञ ट्रेनर्स का फायदा उठा सकेंगे।
युवाओं और उद्योग, दोनों के लिए विन-विन सिचुएशन
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में एक ऐसा 'रिजल्ट-ओरिएंटेड' कौशल विकास तंत्र बनाना है जो रोजगार की गारंटी दे। योगी सरकार स्थानीय जिला प्रशासन के जरिए एमएसएमई (MSME) और बड़े उद्योगों से सीधा संवाद कर रही है। इससे एक ओर जहां युवाओं को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप के मौके मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को अपनी जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित और 'जॉब-रेडी' मैनपावर आसानी से मिल सकेगा। कानपुर से लेकर गोरखपुर तक, यह योजना यूपी के औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
