उत्तर प्रदेश ITI में अनुदेशक भर्ती नियमों में बदलाव, UPSSSC नहीं... शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा परीक्षा
उत्तर प्रदेश के राजकीय ITI में अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है। अब इन पदों पर चयन ...और पढ़ें
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ये तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
ITI अनुदेशक भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित।
चयन अब शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा किया जाएगा।
लगभग 2000 अनुदेशकों की नियमित भर्ती का मार्ग प्रशस्त।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया बदलने की तैयारी है। अब इन पदों पर चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के बजाय उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से कराने का प्रस्ताव है।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमशीलता विभाग ने इस संबंध में सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी की है। इसे कैबिनेट की स्वीकृति के बाद करीब दो हजार अनुदेशकों की नियमित भर्ती का रास्ता साफ हो सकता है।
नई व्यवस्था में अनुदेशक बनने के लिए संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण की अनिवार्यता भी रखी जा रही है। विभाग का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ आइटीआइ में तकनीकी प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करना है।
इससे पहले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अनुदेशकों का चयन किया गया था। अभी राजकीय आइटीआइ में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 1562 अभ्यर्थियों का चयन किया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। अनुदेशकों की कमी से प्रशिक्षण प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है।
आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देने के लिए 149 राजकीय आइटीआइ में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 1065 प्रशिक्षकों और कार्यदेशकों की तैनाती का प्रस्ताव है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, आइटीआइ को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण के तरीकों को आधुनिक बनाया जा रहा है। नए तकनीकी ट्रेडों में विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके, इसके लिए अनुदेशकों को भी संबंधित ट्रेड के अनुरूप प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी और विद्यार्थियों को रोजगार के लिए जरूरी कौशल मिल सकेगा।
