यूपी में सरकारी अस्पतालों में डेढ़ घंटे में मिलेगी टीबी और HIV की जांच रिपोर्ट, 49 हॉस्पिटल में लगेंगी मशीनें
उत्तर प्रदेश के 49 सरकारी अस्पतालों में ऑटोमेटेड रियल टाइम माइक्रो पीसीआर मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे टीबी, डेंगू और एचआईवी ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
49 सरकारी अस्पतालों में लगेंगी नई पीसीआर मशीनें।
टीबी, एचआईवी, डेंगू रिपोर्ट अब 90 मिनट में।
मरीजों को मिलेगा त्वरित इलाज का लाभ।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। टीबी, डेंगू, मलेरिया, एचआईवी और हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियों की जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को अब 24 घंटे तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑटोमेटेड रियल टाइम माइक्रो पीसीआर मशीनों से एक से डेढ़ घंटे में रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। इसके लिए प्रदेश के 49 सरकारी अस्पतालों में मशीनें लगाई जाएंगी।
पहले चरण में बड़े जिला अस्पतालों में इन्हें स्थापित करने की योजना है। इन मशीनों से आनुवंशिक विकारों और जटिल मामलों की जांच में भी मदद मिलेगी। इसके लिए शासन से बजट आवंटित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने मशीनों की खरीद के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन को 15 नवंबर से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि किन जिलों के अस्पतालों में मशीनें लगाई जाएंगी।
अस्पतालों के चयन के लिए प्रतिदिन ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में 1000 मरीजों के आने का मानक अपनाया जा सकता है।
इन मशीनों की खासियत है कि एक साथ 100 से 150 नमूनों की जांच की जा सकती है।
इनसे टीबी, डेंगू, मलेरिया, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, कोविड-19, एच1एन1, इन्फ्लुएंजा और चिकनगुनिया जैसे संक्रमणों की जांच की जा सकेगी। कम समय में रिपोर्ट मिलने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू करने में मदद मिलेगी।
अभी लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में ही यह सुविधा उपलब्ध है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल, अवंती बाई महिला अस्पताल (डफरिन) समेत अन्य अस्पतालों से भी नमूने जांच के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजे जाते हैं।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मशीनें लगने से नमूनों को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजने की जरूरत कम होगी। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- यूपी में CHO की गैरहाजिरी में आरोग्य मंदिरों की सेवाएं संभालेंगी ANM, जारी किया गया आदेश
