उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट, तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई शहरों में स्कूल-कॉलेज बंद
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ के कारण जोरदार मानसूनी बारिश हो ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी के मौसम तंत्र से भारी बारिश।
35 से अधिक जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद।
बारिश से तापमान गिरा, फसलों को भी हुआ नुकसान।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तर प्रदेश में जोरदार मानसूनी बारिश हो रही है। गुरुवार रात से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लखनऊ और आसपास जिलों समेत तराई व पूर्वांचल के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 36 घंटों से लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने शनिवार को 35 से अधिक जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। भारी बरसात को देखते हुए राजधानी के साथ रेड अलर्ट वाले जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, शनिवार को राज्य में बारिश का दायरा और बढ़ेगा। वर्षा के चलते अधिकतर हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट आई है, जो सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है। लखनऊ में इतिहास में दूसरी बार 25 सितंबर सबसे ठंडा दिन रहा है। यहां दिन का पारा 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके पहले 25 सितंबर 2007 को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
वहीं, बाराबंकी में 23 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। रिमझिम बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने दोनों शहरों का मौसम नवंबर जैसा कर दिया। राजधानी में शुक्रवार शाम छह बजे तक 86.6 मिमी बारिश हुई। करीब 40 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
जबकि, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का असर रविवार तक बने रहने की संभावना है। सोमवार से मौसम में सुधार शुरू हो सकता है और धूप निकलने के आसार हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
किसानों के लिए आफत की बारिश
हथिया नक्षत्र में चक्रवाती हवा के साथ हो रही बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा परेशानी तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द व मूंग के किसानों को हो सकती है। धान की अगेती फसल भी गिर गई है। चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बरसात से तोरिया की बोआई भी प्रभावित हो रही है।
किसान हर संभव सितंबर के अंतिम सप्ताह तक तोरिया की बोआई कर लेते थे, जो अब तक नहीं हो पाई है। तेज हवा से ज्वार बाजरा की फसल भी खराब हुई है। हवा में पौधे टूट गए हैं साथ में जल भराव से कद्दू, तरोई, लौकी, करेला की फसलें प्रभावित हुई हैं।
