28 September Ka Mausam: यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, देखें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, साथ ही किसानों को फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
पूर्वी उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
फर्रुखाबाद में सर्वाधिक 32 सेमी वर्षा, गोरखपुर में 23 सेमी।
किसानों को फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बने लो प्रेशर एरिया के कारण राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है।
पूर्वी यूपी में हुई मूसलाधार बारिश
पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में असाधारण और अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। फर्रुखाबाद में सबसे अधिक 32 सेमी बारिश हुई जबकि गोरखपुर में 23 सेमी, लखीमपुर खीरी में 19 सेमी और महराजगंज में 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कन्नौज, अयोध्या, बहराइच, लखनऊ और आजमगढ़ जैसे जिलों में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी खूब बरसे बदरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में 18 सेमी, बरेली में 17 सेमी, कासगंज में 15 सेमी, रामपुर में 15 सेमी, संभल और बिजनौर में 14 सेमी और मैनपुरी व शाहजहांपुर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। वाराणसी, बलिया, गोरखपुर, मीरजापुर और सोनभद्र समेत कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही तापमान में भी थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, आने वाले कुछ घंटों के दौरान मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगी और बारिश का दौर थम सकता है।
किसानों के लिए एडवाइजरी
बारिश और तेज हवाओं के चलते बागवानी, कटी हुई फसलों और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है। कृषि मौसम विभाग ने किसानों को धान, मक्का, गन्ना, अरहर और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी की तत्काल जल निकासी करने की सलाह दी है।
