विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर लगी रोक, CM योगी के निर्देश पर बनाई गई जांच कमेटी

Published: Sun, 19 Apr 2026 05:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 19 Apr 2026 06:51 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी गई है। पावर कॉरपोरेशन ने तकनीकी ...और पढ़ें

तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर बदलने पर लगी रोक

तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर बदलने पर लगी रोक

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेशभर में पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर रोक लगा दी गई है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवता की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर यथावत लगे रहने का निर्णय किया है। हालांकि, नया कनेक्शन स्मार्ट मीटर के जरिए ही मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा स्मार्ट मीटर की गुणवता की जांच के लिए जिस चार सदस्यीय तकनीकी समिति गठित की है उसमें आईआईटी कानपुर के दो प्रोफेसर सहित वड़ोदरा के इलेक्ट्रिकल रिसर्च एवं डवलपमेंट एसोसिएशन के अनुभाग प्रमुख और पावर कारपोरेशन के निदेशक वितरण हैं।

12 अप्रैल को गठित की गई समिति को सभी तरह के स्मार्ट मीटरों का तकनीकी परीक्षण कर 10 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ ही पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि जब तक तकनीकी समिति द्वारा जांच रिपोर्ट नही सौंपी जाती है तब तक स्मार्ट मीटर को बदलने का कार्य स्थगित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आगे रिपोर्ट आने के बाद मीटर बदलने के संबंध में निर्णय किया जाएगा। विदित हो कि राज्य में लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

मीटर की गुणवता तथा कनेक्टिविटी की समस्या के संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने जांच कराने के निर्देश दिए थे।

यह भी पढ़ें- यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की समस्याओं को लेकर उपभोक्ता परिषद ने खोला मोर्चा, प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी