विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में दिव्यांगों के लिए बड़ा कदम, 3 चरणों में लगेंगे खास शिविर; 17 सितंबर और 2 अक्टूबर की तारीख तय

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:39 PM (IST)

योगी सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए तीन चरणों में विशेष शिविर आयोजित कर रही है। 17 सितंबर से शुरू ...और पढ़ें

News Article Hero Image

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश भर में दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराने के लिए तीन चरणों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस महाभियान के लिए 17 सितंबर और 2 अक्टूबर की महत्वपूर्ण तारीखें तय की गई हैं। इन शिविरों के जरिए शासन की कोशिश है कि प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर सहायक उपकरणों के वितरण तक का काम एक ही छत के नीचे पूरा किया जा सके।

17 सितंबर से होगी शुरुआत, मौके पर बनेंगे सर्टिफिकेट

अभियान के पहले चरण का आगाज 17 सितंबर से होगा। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड की टीमें मौजूद रहेंगी। यह टीमें दिव्यांगता की जांच कर मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को चिन्हित करना है, जो जानकारी या संसाधनों के अभाव में अब तक दिव्यांग पेंशन, बस पास और अन्य सरकारी लाभों से वंचित हैं।

2 अक्टूबर को उपकरणों का होगा बड़ा वितरण

गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को इस अभियान का दूसरा और सबसे अहम चरण आयोजित किया जाएगा। इस दिन बड़े स्तर पर चिन्हित लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल, मोटराइज्ड व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र (हियरिंग एड), स्मार्ट केन और कृत्रिम अंग बांटे जाएंगे। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कैंप स्थल पूरी तरह से 'दिव्यांग-फ्रेंडली' हों, जहां रैंप और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों।

छूटे हुए लाभार्थियों का फॉलो-अप

अभियान के अंतिम और तीसरे चरण में उन इलाकों और लाभार्थियों को कवर किया जाएगा जो पहले दो चरणों में किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो पाए। इस दौरान समाज कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा विशेष फॉलो-अप ड्राइव चलाई जाएगी ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। इस त्रिस्तरीय योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के लाखों दिव्यांगजनों को एक सुरक्षित, सुगम और आत्मनिर्भर जीवन जीने का नया मार्ग मिलेगा।