उत्तर प्रदेश में विभागों के डाटा को जोड़ेगी सरकार, तैयार होगा 'स्टेट डेटा रेडीनेस रोडमैप'
प्रदेश सरकार ने अपनी योजनाओं और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के डाटा को एकीकृत करने की कवायद शुरू की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
सरकार ने योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए डाटा एकीकरण शुरू किया।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन ने कार्यशाला आयोजित कर सुझाव मांगे।
डाटा एकीकरण से बेहतर नीति निर्माण और सेवाओं में सुधार होगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने अपनी योजनाओं और नीतियों को ज्यादा सटीक और प्रभावी बनाने के लिए विभागों के डाटा को एकीकृत करने की कवायद शुरू कर दी है।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (एसटीसी) ने बुधवार को ''डाटा परिदृश्य और डाटा सामंजस्य'' पर कार्यशाला में तीन दर्जन से अधिक विभागों के 100 से ज्यादा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इसमें विभागों के बीच डाटा साझा करने में आ रही दिक्कतों, आंकड़ों के दोहराव, अलग-अलग परिभाषाओं, डाटा गुणवत्ता और मैनुअल प्रक्रियाओं पर मंथन हुआ। अधिकारियों ने छह विषयगत समूहों में चर्चा कर डाटा एकीकरण और अंतर-संचालनीयता बढ़ाने के उपाय सुझाए।
होटल रेनेसां में आयोजित कार्यशाला में एसटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि विश्वसनीय डाटा बेहतर नीति निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि एकीकृत डाटा व्यवस्था तैयार की जा रही है।
कार्यशाला से मिले सुझावों के आधार पर स्टेट डाटा रेडीनेस रोडमैप विकसित किया जाएगा। इसमें डाटा के समान मानक, सुरक्षित आदान-प्रदान और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की व्यवस्था तय होगी। इससे सरकार को योजनाओं की निगरानी और लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी।
