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यूपी में महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने बदले मातृत्व अवकाश के नियम

Published: Sat, 22 Aug 2026 10:47 PM (IST)Updated: Sun, 23 Aug 2026 12:13 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब दूसरे बच्चे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. मातृत्व अवकाश के लिए दो वर्ष के अंतराल की बाध्यता समाप्त।

  2. महिला सरकारी कर्मचारियों को योगी सरकार से मिली बड़ी राहत।

  3. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर लिया गया निर्णय।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सरकारी कार्मिकों को मातृत्व (प्रसूति) अवकाश के लिए दो वर्ष के अंतराल की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। शनिवार को कैबिनेट बाई सरकुलेशन संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

अभी तक बच्चों के जन्म पर 180 दिनों तक का मातृत्व अवकाश लेने के लिए नियमों में यह व्यवस्था रही है कि दूसरे बच्चे पर मातृत्व अवकाश तभी मिलेगा जब पहले बच्चे पर लिए गए मातृत्व अवकाश के समाप्त होने से न्यूनतम दो वर्ष गुजर चुके हों।

इस व्यवस्था के चलते कई महिला कार्मिकों के सामने दूसरी बार मां बनने पर मातृत्व अवकाश को लेकर दिक्कत हो रही थी। ऐसे में प्रतिबंध को समाप्त करने को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की गई थी।

उच्च न्यायालय द्वारा दो वर्ष के अंतराल की अनिवार्यता को नियम विरुद्ध मानते हुए दिए गए आदेश पर राज्य सरकार ने संबंधित नियम को समाप्त करने का निर्णय किया है।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि यदि महिला कर्मचारी सेवा नियमों के तहत दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश की पात्र है, तो केवल दो वर्ष का अंतर न होने के आधार पर उसका आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि कोई भी महिला कर्मी पूरे सेवाकाल में दो बार (गोद ली गई संतानों के मामलों में भी) 180-180 दिनों का मातृत्व अवकाश ले सकती है।

रक्षाबंधन पर 27 की रात से 28 तक माताओं-बहनों को मुफ्त बस यात्रा

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्षों की भांति इस बार भी रक्षाबंधन पर माताओं, बेटियों और बहनों को मुफ्त बस यात्रा का उपहार दिया है। 27 की रात से 28 अगस्त की रात तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाएं, एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी।

रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से घर पहुंच सकें इसके लिए मुख्यमंत्री ने परिवहन, पुलिस और प्रशासन को मिलकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखा जाए और आटो-टैक्सी चालकों का भी सत्यापन किया जाए।

शनिवार को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों के लिए परिवहन सेवाओं की समीक्षा की। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने बस चालकों, परिचालकों की जांच और निगरानी क निर्देश दिए। नशे का सेवन करने वाले चालकों को बस चलाने की अनुमति न देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि निजी बसों के चालकों, आटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन कराया जाए।