लखनऊ (जेएनएन)। एक जनपद-एक उत्पाद समिट में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के 28 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं। मैंने 15 लाख 60 हजार छात्रों को उपाधि दी है। पर मुझे पता है कि रोजगार के लिए लोग दिल्ली और मुंबई की ओर पलायन करते हैं। अब ओडीओपी योजना से युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। राज्यपाल ने कहा कि काम न मिलने से पलायन होता है। यहां के युवाओं को भूख दिल्ली और मुंबई ले जाती है। रोजगार बढऩे से दिल्ली और मुंबई के स्लम में रहने वाले यूपी के युवा भी वापस लौटेंगे।

राज्यपाल ने ब्रांडिंग पर जोर दिया

नाईक यह बताना नहीं भूले कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाने के लिए उन्होंने सपा सरकार के मुख्यमंत्री से भी कहा था लेकिन, उन्होंने उनके सुझाव की अनदेखी कर दी थी। राज्यपाल ने भी ब्रांडिंग पर जोर दिया। कहा, मुंबई का हापुस और लखनऊ का दशहरी बराबर है लेकिन, दशहरी की हापुस के बराबर ब्रांडिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के समझौते से पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश की विशेषता फैलेगी। उन्होंने रामायण काल में हनुमान के समुद्र लांघने का प्रसंग याद दिलाते हुए कहा कि जैसे हनुमान को उनकी ताकत का अहसास कराया गया वैसे ही उत्तर प्रदेश को भी उसकी ताकत का अहसास हो गया है। नाईक ने कहा कि यह ग्राम विकास की एक नई क्रांति हुई है। राज्यपाल ने मराठी की कहावत भी सुनाई। कहा, एक नारे से नई क्रांति आयी है और यह ग्रामीण विकास के लिए सार्थक होगी। समारोह में योगी सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने स्वागत किया जबकि मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने आभार ज्ञापन किया। 

राज्यपाल ने राष्ट्रपति को दी कॉफी टेबल बुक 

राज्यपाल राम नाईक ने कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया। नाईक ने इसकी प्रथम प्रति राष्ट्रपति को भेंट की। इस मौके पर राष्ट्रपति के स्वागत-सत्कार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सहारनपुर की काष्ठ कला में गीता के संदेश की एक कृति भेंट की। 

Posted By: Nawal Mishra