लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। अगले माह से रबी की फसलों की बोवाई शुरू हो रही है। किसानों को पर्याप्त बीज उपलब्ध हो इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष एक लाख क्विंटल बीजों का आवंटन बढ़ाया है, यानी पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक बीज मुहैया कराया जा रहा है। रबी के मौसम में कई तरह की फसलें उपजाई जाती हैं लेकिन, सबसे अधिक मांग गेहूं के बीज की होती है, इसलिए सर्वाधिक आवंटन गेहूं का ही है।

खेती की पैदावार में सबसे अहम बीज होता है, किसान बीज का चयन करने में सतर्क भी रहते हैं। कृषि विभाग ने रबी की फसल के लिए खाद मुहैया कराने के साथ ही बीज का भी आवंटन कर दिया है। इस वर्ष 49 लाख 57 हजार क्विंटल बीज का आवंटन किया गया है। इसमें सरकारी क्षेत्र की ओर से 10 लाख 13 हजार क्विंटल व निजी क्षेत्र का 39 लाख 44 हजार क्विंटल बीज उपलब्ध रहेगा। ये आवंटन पिछले वर्ष से एक लाख क्विंटल अधिक है। ज्ञात हो कि बीते वर्ष 48 लाख 56 हजार क्विंटल बीज का आवंटन किया गया था। दावा है कि जिलों में बीज की कोई कमी नहीं होगी।

रबी की फसल में गेहूं, अलसी, राई, सरसों, तोरिया, चना, मटर, मसूर आदि के बीजों की उपलब्धता कराने का जिम्मा बीज विकास निगम उत्तर प्रदेश को सौंपा गया है। इनमें सबसे अधिक गेहूं के बीज की मांग को देखते हुए 45 लाख क्विंटल गेहूं का बीज केंद्रों पर उपलब्ध होगा।

कृषि निदेशक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि चना, मटर, मसूर व सरसों का बीज यूपी के सभी 826 विकासखंड मुख्यालयों पर भेजा जा रहा है। इसी के साथ गेहूं की भी आपूर्ति होगी, जबकि तोरिया का बीज ब्लाक मुख्यालयों पर उपलब्ध है, क्योंकि यह फसल बोई जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को मिलने वाले बीज उन्नत व प्रमाणित कंपनियों के हैं। प्रदेश में 161 राजकीय कृषि प्रक्षेत्र हैं, जहां पर हर साल बीजों का उत्पादन होता है।

किसानों को 50 प्रतिशत मिलेगा अनुदान : रबी की फसल में सरकार किसानों को बीज पर 50 प्रतिशत का अनुदान दे रही है, जो किसान सरकारी दुकानों से बीज खरीदेंगे उनसे पूरा दाम लिया जाएगा और अनुदान का पैसा उनके खाते में भेजा जाएगा।

Edited By: Umesh Tiwari