लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोविड-19 से परेशान बिजली उपभोक्ता अगर दो-तीन माह से बिजली का बिल नहीं जमा कर सके हैं तो उनकी बिजली नहीं कटेगी। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ऊर्जा विभाग के अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुराने बड़े बकाएदारों से बिल की वसूली करने के लिए पहले उन्हीं के कनेक्शन काटे जाएं। बकाया वसूलने के लिए किसी उपभोक्ता का उत्पीड़न न होने पाए, इसके लिए मंत्री ने बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों (एमडी) को वसूली अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एमडी रियलिटी चेक करें और खामियों को सुधारें।

वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ता सेवाओं और बिजली आपूर्ति को लेकर बुधवार को समीक्षा के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मध्यांचल, पूर्वांचल, केस्को, दक्षिणांचल व पश्चिमांचल के एमडी को हिदायत दी कि बिल वसूली के नाम पर किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का तीन माह तक का बिल बकाया है, उनके कनेक्शन न काटे जाएं, बल्कि उनके दरवाजे खटखटाकर बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। समय से सभी को सही बिल भी उपलब्ध कराया जाए।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि गर्मियों में उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा दें। बिजली कटौती की जानकारी ग्राम प्रधान तक को दें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कंपनियों के एमडी शिकायतों के त्वरित निस्तारण का रियलिटी चेक करें ताकि उपभोक्ता सेवाओं को और भी बेहतर किया जा सके। सभी ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग हो, उपकेंद्र से बिजली का सभी फीडरों पर सही वितरण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि ट्रांसफार्मरों के फुंकने व गड़बड़ी की शिकायतों का निस्तारण समय से न होने पर अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए। मंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुधार से संबंधित जो भी काम किया जाए, उसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों को जरूर दी जाए।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री से मांग की थी कि कोरोना काल में दिक्कतों के चलते बिल न जमा कर पाने वाले उपभोक्ताओं की बिजली न काटी जाए। परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने छोटे बकाएदारों के साथ नरमी बरते जाने पर ऊर्जा मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बड़े बकायेदारों से पहले वसूली किए जाने का निर्देश बिल्कुल सही है।

Edited By: Umesh Tiwari