लखनऊ, जेएनएन। सरकार ने हेल्थ सेक्टर को बूस्टर डोज दी है। ऐसे में मरीजों की दिल्ली की दौड़ कम होगी। नए अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर बनने से लखनऊ अब मेडिकल हब के तौर पर उभरेगा। शहर में बेसिक ट्रीटमेंट से लेकर सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की चैन मजबूत होगी। इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

शहर में विभिन्न राज्यों के अलावा अफगानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश से मरीज इलाज के लिए आते हैं। लिहाजा, मेडिकल टूरिज्म की जवां होती उम्मीदों के बीच दिनोंदिन अस्पतालों का छाल बिछ रहा है। कॉरपोरेट सेक्टर के बड़े अस्पताल राजधानी में दस्तक दे चुके हैं। वहीं सरकार ने भी हेल्थ सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का खाका खींच दिया है। राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए 'फोर पिलर स्ट्रक्चरÓ पर काम होगा। राजधानी में एलोपैथ, आयुर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी चिकित्सा का बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। लोहिया, केजीएमयू, पीजीआइ, कैंसर संस्थान में ऑर्गन बेस्ड ट्रीटमेंट का विस्तार होगा। वहीं आयुष में रिसर्च सेंटर खोलकर गुणवत्ता परक इलाज को बढ़ावा दिया जाएगा।

-पांच पीएचसी, आयुष-एलोपैथ अस्पताल बनेंगे

 घैला में 100 बेड का संयुक्त अस्पताल, अलीगंज बीएमसी में 100 बेड का अस्पताल, चिनहट में 50 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है। सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग के लिए आवंटित बजट से इन्हें धन मिलने की उम्मीद जताई है। वहीं कल्ली-पश्चिम में 50 बेड का आयुष अस्पताल भी शुरू हो जाएगा। मलिहाबाद के महदुई, सरोजनीगनर के बेती, दाऊदनगर, पारा के नरपत खेड़ा, आदिल नगर में निर्माणाधीन पीएचसी को धन मिलने से भी काम पूरा हो जाएगा। लोहिया संस्थान का शहीद पथ पर पांच सौ बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनेगा। वहीं कैंसर संस्थान वर्षभर में 500 बेड का रन होगा। 

-गंभीर मरीजों को राहत देंगे पांच ट्रॉमा सेंटर 

सिविल अस्पताल में 12.5 करोड़ रुपये से ट्रॉमा सेंटर बनेगा। वहीं वार्ड व ओपीडी विस्तार के लिए 50 लाख मिले। यह सूचना विभाग के भवन में बनने का प्लान है।  इसके अलावा साढ़ामऊ अस्पताल में 100 बेड का ट्रॉमा सेंटर, आरएलबी में 200 बेड ट्रॉमा एंड बर्न यूनिट प्रस्तावित है, जबकि जानकीपुरम विस्तार में 20 बेड का ट्रॉमा सेंटर का काम जल्द पूरा होगा। सीएमओ को इनके लिए धन जारी होने की उम्मीद है। वहीं केजीएमयू में 200 बेड का ट्रॉमा-टू नए प्लान से धन जुटाएगा। 

-कई अस्पताल होंगे अपग्रेड लोकबंधु अस्पताल में 200 बेड बढ़ेंगे। वहीं बीआरडी में 166 बेडों का विस्तार होगा। इसके अलावा लोहिया संस्थान के न्यू ब्लॉक में 200 बेड बढ़ेंगे। पीजीआइ में 824 के लगभग बेड बढ़ेंगे। आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को नया हॉस्पिटल ब्लॉक मिलेगा।

अटका काम होगा पूरा, बढ़ेंगे बेड

अस्पताल        बेड

कैंसर संस्थान-500 

लोहिया संस्थान न्यू हॉस्पिटल-500

लोहिया संस्थान न्यू ब्लॉक-200

पीजीआइ-824

केजीएमयू-ट्रॉमा-टू-200

क्वीनमेरी-100

लारी-100

चिनहट अस्पताल-50 बेड

अलीगंज अस्पताल-100 

घैला अस्पताल-100

साढ़ामऊ ट्रॉमा-100

आरएलबी ट्रॉमा एंड बर्न यूनिट-200

लोकबंधु अस्पताल-200

बीआरडी-166

आयुष अस्पताल-50

अभी कहां कितने बेड

अस्पताल           बेड  

केजीएमयू          4400   

पीजीआइ           1040    

लोहिया संस्थान      1072 

बलरामपुर           776        

सिविल             401        

लोकबंधु अस्पताल     100         

बीआरडी             34       

आरएलबी            110       

डफरिन              262    

झलकारी             82       

ठाकुरगंज अस्पताल    200     

आठ अर्बन सीएचसी   240        

19 सीएचसी           570    

52 अर्बन पीएचसी     104         

आयुर्वेद मेडिकल कॉ. 220    

होम्योपैथ मेडिकल कॉ.   50    

यूनानी मेडिकल कॉ.       100   

16 आयुर्वेद मिनी अस्पताल 75   

एक यूनानी मिनी अस्पताल -4

11 होम्यापैथ डिस्पेंसरी 

अटल यूनीवर्सिटी, सेटेलाइट कैंपस को लगेंगे पंख

बजट सत्र में सिर्फ नए अस्पताल खोलने पर ही फोकस नहीं रहा। बल्कि निर्माणाधीन प्रोजेक्टों का भी जिक्र कर सरकार ने सदन को आश्वस्त किया। ऐसे में केजीएमयू का बलरामपुर जनपद में सेटेलाइट कैंपस व अटल यूनीवर्सिटी का काम रफ्तार पकड़ेगा।

Posted By: Anurag Gupta

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