विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'चुनाव में सभी सीटें जीत जाएं, फिर भी ईवीएम के खिलाफ हैं', अखिलेश यादव ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:00 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम को लेकर राजनीति तेज हो गई है, जिसमें बसपा सुप्रीमो मायावती और ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. मायावती ने नगीना सीट का हवाला देकर ईवीएम पर सवाल उठाए।

  2. अखिलेश यादव ने विकसित देशों के बैलेट पेपर उपयोग का तर्क दिया।

  3. दोनों नेताओं ने उत्तर प्रदेश में बैलेट पेपर से चुनाव की मांग की।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव से पहले इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर राजनीति तेज हो गई है। सोमवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने नगीना लोकसभा सीट का उदाहरण देते हुए भाजपा पर ईवीएम के माध्यम से परिणाम प्रभावित करने का आरोप लगाया और बैलेट पेपर (मत पत्र) से चुनाव कराने की मांग की। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हम भले ही चुनाव में सारी सीटें जीत जाएं, फिर भी ईवीएम के खिलाफ हैं। जब विकसित देश तक बैलेट का प्रयोग कर रहे हैं तो यहां एक के बाद एक मशीन की जरूरत क्यों पड़ रही है।

बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को कहा कि ईवीएम का विरोध कांग्रेस की सरकार के समय सबसे पहले भाजपा ने ही किया था। इसके हैक होने की बात कह एक किताब भी प्रकाशित की थी। उन्होंने कहा कि बसपा ने ईवीएम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद वीवीपैट की प्रक्रिया लागू हुई। परंतु इसका कोई फायदा नहीं हुआ है, क्योंकि वीवीपैट की सभी पर्चियों को नहीं गिना जाता।

जब इलेक्ट्रानिक मशीन को हैक किया जा सकता है तो किसी भी मतदाता को इसका विश्वास नही दिलाया जा सकता है कि उसका वोट सही गिना गया है। मायावती ने एसआइआर और निर्वाचन आयोग पर उठ रहे सवालों को लेकर कहा कि जो भ्रांतियां फैल रही हैं, चुनाव आयोग को समय से उनको दूर करना चाहिए था।
वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि जब आपके अमेरिका के साथ इतने अच्छे रिश्ते हैं तो क्या अमेरिका बैलेट पेपर से वोट नहीं देता?

मैंने आपके सामने कई बार जर्मनी का उदाहरण दिया है। जर्मनी टेक्नोलाजी और रिसर्च में हमसे बहुत आगे है। फिर भी उस देश ने ईवीएम को स्वीकार नहीं किया है। वर्तमान विवाद में क्या सपा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे पर सड़क पर उतरेगी, इस सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि हमने भाजपा को हराने की रणनीति पहले ही बना ली है। भाजपा को हटाए बिना आप किसी को नहीं हटा सकते। एक बार भाजपा हट गई, तो सभी संस्थाएं ठीक हो जाएंगी। लोग इस बार उसे हटाने के लिए तैयार हैं।

चंद्रशेखर की जीत पर मायावती का सवाल
बसपा प्रमुख ने ईवीएम के सहारे आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर पर भी निशाना साधा। बिना नाम लिए कहा कि नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट पर उनका कुछ भी जनाधार नहीं है, लेकिन फिर भी उसे षड्यंत्र के तहत बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा ने ईवीएम में धांधली कराकर जितवा दिया।

अब जहां दलितों पर अन्याय-अत्याचार होता है, वह इस पार्टी के इशारों पर वहां पहुंच जाता है। धरना-प्रदर्शन आदि में युवाओं को आगे करके, उनके विरुद्ध केस दर्ज करवा देता है। इससे इन युवाओं को केस खत्म होने तक सरकारी नौकरी भी नहीं मिल पाएगी।

यह भी पढ़ें- 'गिरगिट की तरह रंग बदल रहे पहचान का संकट खड़ा करने वाले', सीएम योगी ने साधा सपा पर निशाना