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यूपी के वोटर लिस्ट में दोहरे नाम वालों पर निर्वाचन आयोग सख्त, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Published: Mon, 19 Oct 2026 09:27 PM (IST)

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में दोहरे नामों के मुद्दे पर सख्ती दिखाई है, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

HighLights

  1. निर्वाचन आयोग ने दोहरे नामों पर सख्ती के निर्देश दिए।

  2. सपा ने 100 विधानसभा क्षेत्रों में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

  3. 12 नवंबर तक ड्राफ्ट सूची से नाम हटाने का आदेश।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में दोहरे नामों का मुद्दा इनदिनों निर्वाचन आयोग और विपक्षी दलों में खासकर से सपा के बीच टकराव का विषय बना हुआ है। प्रदेश के 100 विधान सभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज होने की सूची सौंपते हुए सपा लगातार निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है।

मतदाता सूची में गड़बड़ियों की लगातार मिल रही शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दोहरी प्रविष्टियों के मामलों में सख्ती बरतने और लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि 12 नवंबर को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में दोहरे नामों को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सपा ने 13 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। पार्टी का दावा है कि 100 विधान सभा क्षेत्रों की सूचियों की जांच में एक ही व्यक्ति का नाम दो, तीन और कुछ मामलों में 10 बार तक दर्ज मिला। सपा ने बूथवार उदाहरणों के साथ कार्रवाई की मांग की थी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान एक ही मतदाता की ओर से एक से अधिक आवेदन किए जाने से एक से अधिक जगह दर्ज हुए मतदाताओं को चिह्नित किया जाए।

बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से ऐसे मामलों की जांच कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। बीएलओ सुपरवाइजर नियमित निगरानी करें, जबकि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) प्रगति की समीक्षा करें।

नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज नामों को हटाने के काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। ईआरओनेट एप में हुए बदलावों की जानकारी बीएलओ को देने और उन्हें जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में किसी तरह की चूक न हो।

17 के बाद 24 अक्टूबर को विशेष अभियान में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों समेत सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने पर भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जोर दिया।