लखनऊ, जागरण संवाददाता। प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की प्रतिष्ठा लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से जुड़ गयी है। एक तरफ जहां पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे मयंक को टिकट दिलाने की उम्मीद में अब भी प्रयास कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर सपा संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा बिष्ट यादव के बुधवार को भाजपा में शामिल होते ही लखनऊ कैंट सीट पर हलचल तेज हो गयी है।

लखनऊ कैंट भाजपा की इस शहर में सबसे मजबूत सीट मानी जाती है। हालांकि कांग्रेस में रहते हुए रीता बहुगुणा जोशी ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में यह सीट मौजूदा भाजपा विधायक सुरेश चंद तिवारी से जीती थी। वर्ष 2017 के चुनाव से पहले रीता बहुगुणा जोशी भाजपा में शामिल हुईं। एक बार फिर रीता बहुगुणा जोशी लड़ीं तो उनके सामने सपा व कांग्रेस गठबंधन की अपर्णा बिष्ट यादव थीं। दो पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की दो महिलाएं आमने सामने थीं लेकिन जीत रीता बहुगुणा जोशी की हुई। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए रीता बहुगुणा प्रयागराज चली गयीं। यहां उपचुनाव में सुरेश चंद तिवारी को भाजपा से फिर टिकट मिला और वह विजयी हुए।

अपर्णा यादव भाजपा की इस मजबूत सीट पर अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं। जबकि सांसद बनने के बाद भी रीता बहुगुणा जोशी की कैंट में उपस्थिति कम नहीं हुई। अब रीता बहुगुणा जोशी के सामने बेटे मयंक जोशी को टिकट दिलाने की जेद्दोजेहद है। वह प्रयागराज से अपना सांसद पद से इस्तीफा देने पर भी विचार कर रही हैं। जिससे आलाकमान को यह संदेश जा सके कि परिवार में एक ही टिकट वह लेंगी। वहीं अपर्णा बिष्ट यादव की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है। भाजपा के कैंट के इंटरनेट मीडिया के ग्रुप में अपर्णा को अगले प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। कैंट का टिकट इन दोनों में किसी को मिलेगा या उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा यहां से मैदान में होंगे। इसे लेकर संशय भी बना हुआ है।

Edited By: Anurag Gupta