हरदोई, जागरण संवाददाता। सदर विधायक व विधान सभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल के अपने सभी पदों से इस्तीफा देने जैसे ही खबर फैली राजनीतिक क्षेत्र में खलबली मच गई। एक बार तो कुछ लोग भौचक्के रह गए, लेकिन नितिन अग्रवाल ने खुद सभी का असमंजस्य दूर करते हुए कहा कि उन्होंने सपा की प्राथमिक सदस्यता, विधायक और विधान सभा उपाध्यक्ष से इस्तीफा दिया है। अब वह विधिवत भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं और पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी उसका वह निर्वहन करेंगे।

पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल के पुत्र नितिन अग्रवाल वर्ष 2012 में सपा से विधायक बनकर सरकार में मंत्री भी बने थे और फिर 2017 का विधान सभा चुनाव भी उन्होंने सपा से ही जीता था, हालांकि कुछ ही समय बाद पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल भाजपा में आ गए थे। नितिन अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के प्रति निष्ठा जताते हुए बता दिया था कि अब वह भाजपा में हैं, जिसके बाद से वह भाजपा के ही मंच पर रहे और सरकार की नीतियों का

बखान करते हुए समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते रहे। अभी हाल में ही उन्हें भाजपा ने विधान सभा उपाध्यक्ष भी बनवाया था, हालांकि तकनीकी रूप से वह सपा में ही थे और उसी के चलते वह उपाध्यक्ष के पद पर आसीन हुए।

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हालांकि विधान सभा चुनाव के ऐलान के बाद हालातों को देखते हुए बहुत सी चर्चाएं चल रहीं थी और उन्हीं के बीच बुधवार को नितिन अग्रवाल के सभी पदों से इस्तीफा देने की खबर आई तो हरदोई क्या एक बार तो पूरे प्रदेश में ही चर्चा फैल गई। हर कोई अपना अपना गणित लगाने लगा, लेकिन नितिन अग्रवाल ने साफ कर दिया कि उन्होंने सपा की सदस्यता, विधायक और विधान सभा उपाध्यक्ष से इस्तीफा दिया है। दैनिक जागरण से हुई वार्ता में नितिन अग्रवाल ने बताया कि अभी तक वह सपा के सदस्य थे। सपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए विधायकी छोड़ी है। अब पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी में हैं और भाजपा उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी उसका वह निर्वाहन करेंगे।

Edited By: Anurag Gupta