लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीट पर प्रत्याशी उतारने की प्रक्रिया में दो सूची जारी कर चुकीं बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के काम पर लगातार उंगली उठाती रहती हैं। बीते लोकसभा चुनाव के बाद से इंटरनेट मीडिया के साथ माइक्रो ब्लागिंग साइट पर बेहद सक्रिय मायावती ने सोमवार को भी दो ट्वीट से योगी आदित्यनाथ सरकार को आईना दिखाने के साथ अपनी सरकार के काम-काज का बखान भी किया है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि उत्तर प्रदेश कर कानून-व्यवस्था बदतर स्थिति में है। इसके साथ ही यहां पर भय, भ्रष्टाचार, भेदभाव व जान-माल-मजहब की असुरक्षा अर्थात उत्तर प्रदेश की बदतर कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी व लाखों पलायन आदि विशाल आबादी वाले इस राज्य की सबसे बड़ी समस्याएं हैं। मायावती ने कहा कि यह सभी समयस्याएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। इससे लोगों में कुंठा पैदा हो रही है। समाज के साथ प्रदेश का पिछड़ता बेहद दुखद है।

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में लगभग ढाई लाख गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं-युक्त आवास उपलब्ध कराया गया था। इसके साथ ही करीब 15-20 लाख मकानों को देने की तैयारी चल रही थी, किन्तु सरकार बदलने के कारण यह कार्य अधूरा रह गया। अब भाजपा की सरकार ने उसको भुनाया है। भाजपा ने अपना क्या किया है, यह तो सोचने वाली ही बात है।

मायावती ने इससे पहले कहा था कि शायद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को यह मालूम नहीं है कि गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ जी का मठ किसी बड़े बंगले से कम नहीं है। वहां पर वह अधिकांश निवास करते हैं। यदि इस बारे में भी वह बता देते तो बेहतर होता। इसके साथ ही यह भी बेेहतर होता यदि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की तारीफ के साथ-साथ बीएसपी सरकार के जनहित से जुड़े कार्योंं का भी कुछ उल्लेख कर देते। इन्हें मालूम होना चाहिए कि गरीबों को मकान व भूमिहीनों को जमीन देने के मामले में बीएसपी सरकार का रिकार्ड बेहतरीन रहा है। बीएसपी सरकार ने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत केवल दो चरण में ही डेढ़ लाख से अधिक पक्के मकान दिए गए तथा सर्वजन हिताय गरीब आवास मालिकाना हक योजना के तहत काफी परिवारों को लाभ मिला। इसके साथ ही लाखों भूमिहीन परिवारों को भी भूमि दी गई। इसका भी उल्लेख जरूरी हो जाता है।  

Edited By: Dharmendra Pandey