अमेठी, जागरण संवाददाता। विधानसभा अमेठी से सपा मुखिया अखिलेश यादव पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की पत्नी महराजी प्रजापति को टिकट दिया है। वह इस विस क्षेत्र से प्रबल दावेदार थीं। मंगलवार की रात पार्टी जारी सूची में महराजी का नाम शामिल होन पर कई सवालों को जन्म दे दिया है। पूर्व सीएम अखिलेश सामूहिक दुष्कर्म के केस में जेल में बंद गायत्री प्रजापत‍ि की पत्नी को प्रत्याशी बनाए जाने का बचाव कैसे करेंगे।

हालांकि महराजी अपने पति को न्याय दिलाने के लिए पिछड़ों के बीच अभियान छेड़ दिया है। गायत्री सामूहिक दुष्कर्म मामले में जेल में है। दो बार उनकी जमानत निरस्त हो चुकी है। जबकि जमानत के लिए उन्होंने किडनी, हृदय सहित कई बीमारियों का हवाला कोर्ट में दिया था। सुप्रीमकोर्ट ने उनकी सभी दलीलें खारिज कर दी थी। जमानत रद्द होने पर वह विशेष अदालत में रो भी पड़े थे। तभी से उनकी पत्नी अमेठी क्षेत्र में पिछड़ों को लामबंद करने में जुटी हैं। वह लोगों के बीच जाकर पति गायत्री प्रजापति को अमेठी का बेटा बता न्याय की गुहार लगा रही हैं। लोगों की सहानुभूति उनके साथ जुड़ता देख उसका लाभ सपा मुखिया पार्टी के लिए उठाना चाहते हैं।

मुकाबला होगा दिलचस्प : अमेठी विधानसभा का मुकाबला दिलचस्प होगा। सपा ने तो अपना पत्ता खोल दिया है, लेकिन अभी कांग्रेस व भजपा की ओर से उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। जल्द ही इन दलों से भी प्रत्याशी आने की संभावना है। वर्तमान में इस सीट पर भाजपा से अमेठी राहघराने की बहू गरिमा सिंह विधायक हैं। जानकारी के अनुसार भाजपा की ओर से जो तीन नाम टिकट के दावेदारों का भेजा गया है, उसमें दो महिलाएं राजघराने की ही हैं। तीसरा नाम जिलापंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि का है। बसपा ने रागिनी तिवारी को टिकट दिया है। फिलहाल जो सियासी माहौल बनता नजर आ रहा है, प्रत्याशी जो भी बने मुकाबला कांटे का होगा।

मंच पर नहीं थे गायत्री : गायत्री प्रजापति 2012 का चुनाव अमेठी में सपा से जीते थे। 2017 में भी पार्टी ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन वह भाजपा की गरिमा सिंह से पराजित हो गए थे। उन्हें 59, 161 वोट मिला था। जबकि गरिमा सिंह को 64, 226 मत हासिल हुए थे। 2012 के चुनाव में प्रजापति ने कांग्रेस की अमीता सिंह को करीब नौ हजार वोट से हराया था। 2017 के चुनाव में सपा मुखिया अखिलेश यादव अमेठी में जनसभा करने आए थे। उस दौरान गायत्री प्रजापति मंच से गायब थे। उसके बाद वह चुनाव हार गए।

क्यों जेल में है पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति : चित्रकूट की एक महिला ने उनपर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत की थी। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर फरवरी 2017 में लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में गायत्री व अन्य के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया। मार्च 2017 में उनकी गिरफ्तारी हो गई। उनके विरुद्ध खनन विभाग के घोटाले व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला भी चल रहा है।

Edited By: Anurag Gupta