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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Election 2022: पांच साल में विधायकों की संपत्ति में बढ़ोत्तरी, जान‍िए क्‍या कहती है एडीआर र‍िपोर्ट

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Wed, 02 Mar 2022 10:52 PM (IST)Updated: Thu, 03 Mar 2022 06:19 AM (IST)

UP Election 2022 ADR Report एडीआर ने वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इस बार फिर विधानसभा चुनाव ...और पढ़ें

UP Election 2022 ADR Report : विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति में 3.18 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी।
UP Election 2022 ADR Report : विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति में 3.18 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। पांच वर्षों में कई विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति में 3.18 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में चुनाव लड़ने के बाद विधानसभा चुनाव-2022 में फिर ताल ठोंक रहे नेताओं की संपत्ति के विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया है। सभी दलों के ऐसे 301 नेताओं की संपत्तियों के विश्लेषण में पता चला है कि 2017 में जिन विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की औसत संपत्ति 5.68 करोड़ रुपये थी, वह वर्ष 2022 के चुनाव में बढ़कर 8.87 करोड़ रुपये हो गई है। इनमें सबसे आगे एआइएमआइ (आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के टिकट पर मुबारकपुर सीट से चुनाव लड़ रहे शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति में सर्वाधिक 77.09 करोड़ रुपये की वृद्धि घोषित की है। वर्ष 2017 में उनकी संपत्ति में 118.76 करोड़ रुपये थी, जो अब 195.85 कराेड़ रुपये हो गई है।

उप्र इलेक्शन वाच/एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्मस (एडीआर) ने वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इस बार फिर विधानसभा चुनाव लड़ रहे विधायकों व विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति का तुलनात्मक विश्लेषण किया है। संस्था ने फिर चुनाव लड़ रहे 301 विधायकों/विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति के विश्लेषण में पाया है कि 301 में से 284 (94 प्रतिशत) की संपत्ति में बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि 17 (6 प्रतिशत) विधायकों/विधान परिषद सदस्यों की संपत्ति में एक से 36 प्रतिशत तक की कमी पाई गई है।

संस्था के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2017 से वर्ष 2022 के दौरान इन विधायकों/विधान परिषद सदस्यों की औसत संपत्ति में 3.18 (56 प्रतिशत) कराेड़ रुपये की वृद्धि हुई है। संख्या बल के अनुरूप दलवार विश्लेषण में सामने आया है कि सबसे आगे भाजपा के नेता हैं। 301 में से भाजपा के 223 विधायकों/विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी संपत्ति में औसतन तीन करोड़ रुपये की वृद्धि दिखाई है। दूसरे नंबर पर सपा के 55 विधायकों/विधान परिषद सदस्यों ने वर्ष 2022 के चुनाव में औसतन दो करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शायी है तथा तीसरे नंबर पर बसपा के आठ विधायक/विधान परिषद सदस्यों ने वर्ष 2022 में औसतन चार करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शायी है।

इनकी भी खूब बढ़ी संपत्ति : संपत्ति में बढ़ोत्तरी के मामले में दूसरे नंबर पर छपरौली सीट से भाजपा प्रत्याशी सहेन्द्र सिंह रमाला हैं, जिनकी संपत्ति में 46.45 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में उनकी संपत्ति 38.04 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 84.50 कराेड़ रुपये हो गई है। तीसरे स्थान पर फूलपुर सीट से भाजपा के प्रत्याशी प्रवीण पटेल हैं, जिनकी संपत्ति 31.9़9 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में उनकी संपत्ति 8.26 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 40.26 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं रायबरेली की सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी अदिति सिंह संपत्ति में 30 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में उनकी संपत्ति 13.98 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2022 में 30.98 करोड़ रुपये से अधिक घोषिम की गई है।