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उत्तर प्रदेश के स्कूलों में घटेंगी छुट्टियां, हर हर 15 दिन में डीएम-कमिश्नर परखेंगे पढ़ाई का कामकाज

Published: Tue, 27 Oct 2026 08:30 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों की पढ़ाई पर जोर देने के लिए छुट्टियां घटाई जाएंगी। मंडलायुक्त और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. परीक्षाओं से पहले छात्रों की छुट्टियां घटाई जाएंगी।

  2. मंडलायुक्त और जिलाधिकारी शिक्षा विभाग की समीक्षा करेंगे।

  3. 30 बिंदुओं पर स्कूलों का कामकाज परखा जाएगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए बचे समय का पूरा उपयोग किया जाएगा। जनगणना और चुनाव जैसे कार्यों से शिक्षण अवधि प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में स्थानीय अवकाश कम रखने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और कक्षाओं में वास्तविक पढ़ाई पर जोर दिया गया है।

इसके लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी हर 15 दिन में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे। दोनों विभागों की योजनाओं, शिक्षण व्यवस्था और निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए 30 बिंदु तय किए गए हैं।

सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र

अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इन बिंदुओं को समीक्षा बैठकों में शामिल करने को कहा है। बेसिक शिक्षा में निपुण भारत मिशन के लक्ष्य, निपुण माड्यूल, निपुण तालिका, यू-डायस के आंकड़ों को अद्यतन करने और सौरभ कुमार सिंह प्रकरण में शिक्षकों के समायोजन की समीक्षा होगी।

होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड, बाल वाटिका, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और शिक्षक संकुल की बैठकों की उपयोगिता भी परखी जाएगी। समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण के तहत एसएनए स्पर्श से धनराशि खर्च करने तथा स्कूल प्रबंधन समितियों को भुगतान की स्थिति देखी जाएगी।

आरटीई के तहत विद्यालयों की प्रतिपूर्ति और अभिभावकों को डीबीटी का भुगतान भी एजेंडे में है। पीएम पोषण में भोजन की गुणवत्ता, रसोइयों के मानदेय, कन्वर्जन कास्ट और बच्चों को उपमा-हलवा देने की स्थिति के साथ रसोइया प्रतियोगिता की तैयारियां देखी जाएंगी।

शिक्षकों के चयन व प्रोन्नत वेतनमान, सेवानिवृत्ति देयों, लंबित एरियर और कैशलेस चिकित्सा योजना की समीक्षा होगी। उल्लास योजना के तहत निरक्षरों के चिह्नांकन, प्रशिक्षण और आकलन की प्रगति भी परखी जाएगी। माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार और नए प्रस्तावों, जबकि बेसिक में प्रेरणा तथा माध्यमिक में परख माड्यूल के इस्तेमाल की समीक्षा होगी।

जर्जर परिषदीय भवनों के अवशेषों की नीलामी व लंबित ध्वस्तीकरण, स्मार्ट क्लास और आइसीटी लैब की सक्रियता भी जांची जाएगी। जिलों में लंबित व चल रहे टेंडर, सीएम माडल कंपोजिट विद्यालयों की भौतिक प्रगति और राजकीय विद्यालयों में मिनी स्टेडियम की स्थिति के साथ शिक्षा क्षेत्र में किए गए नवाचारों को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने पर भी जोर दिया गया है।

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