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डॉप्लर रडार देगा यूपी में तूफान-अतिवृष्टि की पूर्व सूचना, मौसम की होगी सटीक निगरानी

Published: Fri, 16 Oct 2026 05:29 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए तकनीक का उपयोग कर रही है, जिसके तहत पांच डॉप्लर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपी में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं।

  2. ये रडार तूफान, अतिवृष्टि की सटीक पूर्व सूचना देंगे।

  3. किसानों और आमजन को आपदा से बचाने में सहायक।

डिजिटल डेस्‍क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में प्रदेश में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई, जिसमें से दो स्थापित कर दिए गए है। वहीं तीन अन्य शहरों के लिए प्रक्रिया जारी है। इन व्यवस्थाओं से मौसम की निगरानी बेहतर होगी और आपदा से पहले जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी।

पांच शहरों में स्थापित किए जा रहें डॉप्लर वेदर रडार

राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक प्रदेश में मौसम की निगरानी को मजबूत करने के लिए आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई।
अब तक आजमगढ़ और वाराणसी में रडार की स्थापना हो चुकी है, जबकि शेष तीन स्थानों पर काम प्रक्रियाधीन है। इन रडार से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर तेज बारिश, आंधी-तूफान और अन्य गंभीर मौसमी घटनाओं की निगरानी व पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी। हर रडार की रेंज लगभग 250 से 500 किलोमीटर तक होती है।

आम लोगों से लेकर किसानों को भी फायदा

इन रडार का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। मौसम खराब होने की स्थिति में प्रशासन को पहले से तैयारी करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए समय मिल सकेगा। किसानों को भी मौसम की गंभीर परिस्थितियों के प्रति सतर्क करने में सहायता मिलेगी। इससे फसलों, पशुओं और कृषि कार्यों को होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में बेहतर तैयारी की जा सकेगी।

कुल 22.45 करोड़ होंगे खर्च

प्रदेश में पांच शहरों में अत्याधुनिक डॉप्लर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश मौसम के सटीक और अग्रिम पूर्वानुमान को सक्षम बनाएगा। इस पर योगी सरकार लगभग 19.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त डॉप्लर वेदर रडार साइट्स पर सिविल कार्यों के लिए 2.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐसे में सरकार कुल 22.45 करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश को आपदा मुक्त बनाने का प्रयास करेगी।