डिजिटल इनोवेशन समिट : AI और डिजिटल तकनीक से यूपी में बढ़ेंगे निवेश-रोजगार; डेटा सेंटर और स्टार्टअप पर हुई चर्चा
लखनऊ में आयोजित डिजिटल इनोवेशन समिट का लक्ष्य एआई और डिजिटल तकनीक के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
एआई और डिजिटल तकनीक से यूपी को तकनीकी केंद्र बनाना लक्ष्य।
समिट में निवेश, रोजगार और सरकारी सेवाओं पर हुई चर्चा।
डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स और एआई इकोसिस्टम के विकास पर जोर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और डिजिटल तकनीक के जरिए प्रदेश को देश का बड़ा तकनीकी और नवाचार केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है। इसी लक्ष्य को लेकर शुक्रवार से लखनऊ के द सेंट्रम में दो दिवसीय डिजिटल इनोवेशन समिट में बताया गया कि एआइ, डाटा सेंटर, स्टार्टअप और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार कर निवेश बढ़ाया जाएगा, नए रोजगार पैदा किए जाएंगे और सरकारी सेवाओं को पहले से ज्यादा आसान और प्रभावी बनाया जाएगा।
आइटी व इलेक्ट्रानिक्स विभाग और ईलेट्स टेक्नोमीडिया की ओर से ''पावरिंग इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर-एआइ इन यूपी'' विषय पर आयोजित सत्र में आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में ऐसा एआइ इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जहां अच्छी नीतियां, नई तकनीक और बेहतर प्रशासन एक साथ आगे बढ़ें।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग बना केंद्र
इसके लिए स्टेट एआइ मिशन, एआइ स्टैक, एआइ सिटी और आधुनिक डिजिटल ढांचे पर काम किया जा रहा है, ताकि तकनीकी कंपनियां निवेश करें और युवाओं को रोजगार मिले। नीति आयोग के वरिष्ठ सलाहकार डा. विवेक कुमार सिंह ने कहा कि बेहतर नीतियों और मजबूत डिजिटल ढांचे की वजह से प्रदेश तेजी से एआइ, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन रहा है।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डा. हरि ओम ने कहा कि एआइ आधारित अर्थव्यवस्था के लिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
समिट में भरोसेमंद एआइ, डाटा सुरक्षा, डिजिटल ट्रस्ट, इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण, डाटा सेंटर, स्टार्टअप और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। इंडस्ट्री एक्सपो में नई तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। समिट का दूसरा दिन 18 जुलाई को अयोध्या भ्रमण और विशेष तकनीकी सत्रों के साथ आयोजित होगा।
