यूपी के विकास में सिर्फ लाभार्थी नहीं, भागीदार हैं युवा... प्रयागराज के 'यूपी डायलॉग' में गूंजी युवाओं की आवाज
प्रयागराज में 'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' द्वारा आयोजित 'यूपी डायलॉग - चैप्टर 2' में 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने भाग ...और पढ़ें

HighLights
युवाओं को यूपी की विकास यात्रा से सीधे तौर पर जोड़ा गया।
कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शिक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
धार्मिक पर्यटन से रोजगार के नए अवसर सृजित होने पर जोर।
डिजिटल डेस्क, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में पिछले एक दशक के दौरान हुए ऐतिहासिक बदलावों, विकास कार्यों और युवाओं के लिए सृजित नए अवसरों पर रविवार को प्रयागराज में गहन मंथन हुआ। 'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' के तत्वावधान में आयोजित 'यूपी डायलॉग - चैप्टर 2' में 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के केंद्र में 'यूपी डिकेड' (UP Decade) रहा, जहां कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और युवाओं के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित किया गया।
कानून-व्यवस्था और युवाओं की सक्रिय भूमिका
वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने कानून एवं न्याय व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित भविष्य के निर्माण में युवाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मजबूत नीतियों का सबसे बड़ा लाभ युवा वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक जीवन में जागरूक रहने और प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अर्थव्यवस्था, वित्त और शिक्षा में अपार संभावनाएं
संवाद के दौरान अरुणेश सिंह ने बदलती अर्थव्यवस्था के बीच वित्त और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उभरते अवसरों का विस्तार से खाका खींचा। वहीं, प्रो. राजेश कुमार गर्ग ने युवाओं को प्रेरित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश की विकास यात्रा में युवा सिर्फ योजनाओं के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि वे इस बदलाव के सबसे बड़े और सक्रिय भागीदार हैं।
धार्मिक पर्यटन: रोजगार और अर्थव्यवस्था का नया इंजन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि किस तरह राज्य में धार्मिक पर्यटन का बढ़ता दायरा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। इसे प्रदेश के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया।
ओपन सेशन: युवाओं के बेबाक सवाल और सुझाव
पूरे कार्यक्रम को दो सत्रों में विभाजित किया गया था। पहले सत्र में विशेषज्ञों ने तथ्यपरक विचार रखे, जबकि दूसरा सत्र पूरी तरह से युवाओं के लिए खुला रहा। इस प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने शिक्षा, रोजगार और प्रदेश के विकास से जुड़े बेबाक सवाल पूछे और अपने सुझाव भी साझा किए। आयोजकों ने इसे एकतरफा भाषण के बजाय युवाओं की सक्रिय भागीदारी वाला एक सफल मंच करार दिया।
निरंतर संवाद की एक सार्थक पहल
'फ्रेंड्स ऑफ यूपी' का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा से सीधे तौर पर जोड़ना है। प्रयागराज में आयोजित यह दूसरा चैप्टर इसी निरंतर संवाद श्रृंखला का हिस्सा था, जो नीति, विकास और समाज के मुद्दों पर युवाओं और विशेषज्ञों के बीच एक मजबूत वैचारिक पुल बनाने का काम कर रहा है।
