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यूपी में मिठाई से लेकर चटनी तक में मनमाने रंग मिलाने पर लगेगी रोक, FSDA ने जारी की नई गाइडलाइन

Published: Sun, 18 Oct 2026 08:32 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए खाद्य ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. खाद्य पदार्थों में केवल अनुमन्य रंगों का ही प्रयोग होगा।

  2. रोडामाइन-बी जैसे गैर-खाद्य रंगों पर पूर्ण प्रतिबंध।

  3. कारोबारियों को डिजिटल वेइंग स्केल उपयोग करना होगा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मिठाइयों, नमकीन, चटनी, मोमोज और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर सरकार ने सख्ती की तैयारी की है। इस संदर्भ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने खाद्य कारोबारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए है।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों में केवल अनुमन्य रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। रोडामाइन-बी समेत गैर-खाद्य रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी निर्देशों में हलवाई, खाद्य निर्माता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, बेकरी प्रतिष्ठान, ढाबे और रेहड़ी-पटरी पर खाद्य सामग्री बेचने वालों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के उपयोग पर लगेगी रोक

निर्देशों का प्रचार व्यापार मंडलों और खाद्य कारोबारियों के संगठनों के माध्यम से भी कराया जाएगा। समोसे, चाट, मोमोज और रोल के साथ परोसी जाने वाली हरी-लाल चटनी में प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के इस्तेमाल पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

कारोबारियों को टमाटर, चुकंदर, धनिया और पुदीना जैसी खाद्य सामग्री से प्राकृतिक रंग और स्वाद प्राप्त करने की सलाह दी गई है। काटन कैंडी यानी बुढ़िया के बाल और बर्फ के गोलों में रोडामाइन-बी जैसे गैर-खाद्य रंगों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। चिकन टिक्का, कबाब, चाप और तली हुई मछली को रंगने के लिए औद्योगिक डाई का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा।

खाद्य पदार्थों में अनुमान के आधार पर रंग की मात्रा का इस्तेमाल करने की बजाय कारोबारियों को रंग की सही मात्रा मापने के लिए डिजिटल वेइंग स्केल का उपयोग करना होगा।

खाद्य कारोबारियों को केवल अधिकृत स्रोतों से रंग खरीदने और उनकी पैकेजिंग, लेबल तथा आपूर्तिकर्ता के विवरण की जांच करने को कहा गया है। रंगों के खरीद बिल, इनवाइस और बैच नंबर सुरक्षित रखने अनिवार्य होंगे।

इन रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

एफएसडीए के निर्देशों में रोडामाइन-बी, मेटानिल येलो, बटर येलो, मैलाकाइट ग्रीन, आरामाइन और आरेंज-2 जैसे गैर-अनुमन्य रंगों के इस्तेमाल पर रोक स्पष्ट की गई है। साथ ही दूध, ताजे फल-सब्जियों, शिशु आहार, प्राकृतिक फलों के रस, पिसे मसालों, सादी ब्रेड, खाद्य तेल और कई अन्य खाद्य श्रेणियों में रंगों के इस्तेमाल पर लागू प्रतिबंधों का पालन करना होगा।

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