लखनऊ, राज्य ब्यूरो। यूपी में शुक्रवार को कोरोना के 28 नए रोगी मिले। 63 जिलों में एक भी नया मरीज नहीं मिला। 12 जिलों में ही नए रोगी मिले हैं और इसमें सबसे ज्यादा 13 मरीज गोरखपुर में हैं। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर में तीन, लखनऊ व गाजियाबाद में दो-दो तथा मेरठ, कानपुर, देवरिया, कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही, कुशीनगर व मऊ में एक-एक रोगी मिला है। गोरखपुर में ज्यादा मरीज मिलने के कारण वह अब सूची में छठे स्थान से तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में इससे ज्यादा 33 मरीज बीते 14 सितंबर को मिले थे।

अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने बताया कि बीते 24 घंटे में 2.2 लाख लोगों की कोरोना जांच की गई। देश में सबसे ज्यादा 7.73 करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट यूपी में कराया गया है। शुक्रवार को एक रोगी की कोरोना से मौत हुई, जबकि 24 मरीज स्वस्थ हुए हैं। अब 29 जिलों में कोरोना का एक भी रोगी नहीं है। अब तक प्रदेश में कुल 17.09 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैैं, जिसमें 16.86 लाख लोग स्वस्थ हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट 98.7 प्रतिशत है और पाजिटिविटी रेट 0.01 प्रतिशत है। अब 189 सक्रिय केस हैं। इस समय सबसे ज्यादा 29 मरीज लखनऊ में हैं, दूसरे नंबर पर प्रयागराज में 21 और तीसरे नंबर पर गोरखपुर में 19 मरीज हैं।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसकी तैयारियों की नब्ज टटोलने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शुक्रवार को प्रदेश भर के कोरोना अस्पतालों में पहुंचे। नोडल अफसरों ने अपने सामने माक ड्रिल कराई और तैयारियां परखीं। बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए तैयार किए गए पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू) व नियोनेटल आइसीयू (नीकू) तथा बाइपैप व आक्सीजन की सुविधा वाले बेड, आक्सीजन प्लांट और जांच की सुविधा की व्यवस्थाओं की थाह ली गई।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा.वेद ब्रत सि‍ंह ने बताया कि 30 जिलों में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब बनकर तैयार हैं और इसमें उपकरण खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। 45 जिलों में पहले से आरटीपीसीआर लैब हैं। जल्द सभी जिलों में लैब होंगी। जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक 19 हजार बेड बढ़ाने के लिए फैब्रिकेटेड वार्ड बनाए जाएंगे। 555 अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिसमें से 431 से अधिक आक्सीजन प्लांट शुरू भी हो चुके हैं। मेडिकल कालेजों में करीब छह हजार से अधिक पीकू बेड की व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में की गई माक ड्रिल की रिपोर्ट के आधार पर जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा। डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेङ्क्षनग पहले ही दी जा चुकी है।

Edited By: Anurag Gupta