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क्लास से पहले शपथ, हॉस्टल्स में सरप्राइज चेकिंग; यूपी के कॉलेजों में योगी सरकार का 'नशा मुक्ति' महाभियान

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:30 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. कक्षाओं में प्रतिदिन नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।

  2. हॉस्टल्स में औचक निरीक्षण और सामग्री की कड़ी चेकिंग होगी।

  3. युवाओं को नशे से बचाने के लिए नोडल अधिकारी तैनात होंगे।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। युवाओं को नशे के जाल से बचाने और 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को नशा मुक्ति अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि नशा मुक्त जीवन को युवाओं के 'संस्कार' का हिस्सा बनाना है। इसके लिए कक्षाओं में शपथ से लेकर हॉस्टल्स की सख्त निगरानी तक एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया गया है।

हर दिन शपथ और हर हफ्ते संवाद

अभियान को छात्रों की दिनचर्या से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। अब हर कक्षा की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को आधा से एक मिनट की नशा मुक्ति की संक्षिप्त शपथ दिलाई जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं के मन में स्वस्थ जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। इसके अलावा, सप्ताह में कम से कम एक दिन शिक्षकों द्वारा नशे के दुष्प्रभावों पर एक संक्षिप्त व्याख्यान दिया जाएगा, ताकि यह विषय छात्रों के नियमित शैक्षणिक जीवन का अहम हिस्सा बन सके।

विश्वविद्यालय से लेकर फैकल्टी तक तैनात होंगे नोडल अधिकारी

इस महाभियान को जमीन पर सख्ती से लागू करने के लिए निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और फैकल्टी स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे और नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही, परिसरों में पहले किए गए निरीक्षणों की रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी, ताकि भविष्य की रणनीति तय की जा सके।

हॉस्टल्स पर विशेष नजर, होंगे औचक निरीक्षण

युवाओं को नशे से दूर रखने की इस मुहिम में छात्रावासों (हॉस्टल्स) की निगरानी सबसे अहम कड़ी है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हॉस्टल में बाहर से आने वाली किसी भी सामग्री की गेट पर ही कड़ी चेकिंग हो। वार्डन और संबंधित अधिकारी समय-समय पर हॉस्टल्स का औचक (सरप्राइज) निरीक्षण करेंगे। हालांकि, सरकार का रुख केवल दंडात्मक नहीं होगा, बल्कि छात्रों की काउंसलिंग कर उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने पर अधिक जोर रहेगा।

पदयात्रा और प्रतियोगिताओं से जुड़ेंगे युवा

यह अभियान केवल प्रशासनिक सख्ती तक सीमित नहीं रहेगा। छात्रों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए परिसरों में निबंध, चित्रकला, कहानी और पोस्टर जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, कॉलेज कैंपस और फैकल्टी स्तर पर नशा मुक्ति पदयात्राएं निकाली जाएंगी। दीवारों पर पेंटिंग और होर्डिंग्स के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी।

'नशामुक्त युवा ही विकसित यूपी की ताकत'

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं होता जब तक वह व्यवहार में न उतरे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाने में शिक्षा जगत की भूमिका सबसे बड़ी है। संस्कारयुक्त और नशामुक्त युवा ही 'विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश' की सबसे मजबूत नींव बनेंगे।