लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में छोटे दलों के गठबंधन के साथ उतर रही समाजवादी पार्टी ने सोमवार को अपने प्रत्याशियों की अधिकृत रूप से घोषणा कर दी। गठबंधन ने 403 में से 194 प्रत्याशियों का नाम घोषित कर दिया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के 159 प्रत्याशी हैं।

समाजवादी पार्टी के साथ राष्ट्रीय लोकदल, तृणमूल कांग्रेस, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, महान दल, अपना दल कृष्णा पटेल गुट तथा अन्य कई दल हैं। भारतीय जनता पार्टी तथा उसके सहयोगी दलों के खिलाफ छोटे दलों को लेकर ताल ठोंकने वाली समाजवादी पार्टी गठबंधन की अब तक 194 सीटें घोषित हो चुकी हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के 159 तथा राष्ट्रीय लोकदल के 33 प्रत्याशी हैं। इनके साथ ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भी एक-एक प्रत्याशी का नाम फाइनल हो गया है। दस फरवरी को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए 58 सीटों में रालोद के 29, समाजवादी पार्टी के 28 तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे।

समाजवादी पार्टी ने सोमवार अपने जिन 159 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है उसमें इनमें पहले, दूसरे, तीसरे व चौथे चरण की सीटें शामिल हैं। समाजवादी पार्टी ने टिकट तो पहले ही फाइनल कर दिए थे, लेकिन सूची सार्वजनिक ना करने पर भाजपा ने ङ्क्षखचाई भी की थी। सोमवार को पार्टी ने अब तक जारी टिकटों की संयुक्त सूची सार्वजनिक कर दी है। इसमें पहले चरण वाले प्रत्याशियों के नाम भी हैं जिनके नामांकन पत्र भी भरे जा चुके हैं। पहली सूची में 31 मुस्लिम व 18 यादव को टिकट दिया गया है। समाजवादी पार्टी ने 31 अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों पर भी भरोसा जताया है। 11 महिलाओं को टिकट दिया गया है।

जेल तथा बेल वाले भी लड़ेंगे चुनाव

समाजवादी पार्टी की ओर से जेल में बंद चल रहे पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां रामपुर से चुनाव लड़ेंगे। हाल में ही बेल मिलने के बाद जेल से बाहर आए आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां रामपुर की स्वार सीट से फिर चुनाव लड़ेंगे। 2017 में भी वे स्वार सीट से चुनाव जीते थे, फर्जी जन्मतिथि के मामले में सजा होने के कारण उनकी सदस्यता रद कर दी गई थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रायबरेली की ऊंचाहार सीट से अपने विधायक मनोज पाण्डेय पर भरोसा जताते हुए फिर टिकट दिया है। चर्चा थी कि सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य इस सीट से बेटे उत्कृष्ट मौर्य के लिए टिकट मांग रहे हैं। उत्कृष्ट 2017 में भाजपा व 2012 में बसपा के टिकट से चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों बार उन्हें मनोज पाण्डेय ने ही हराया। मनोज को टिकट मिलने से स्वामी प्रसाद एक बार फिर निराश हैं। माना जा रहा है कि वह भाजपा में रहने के दौरान ही बेटे के लिए ऊंचाहार से टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा से हरी झंडी ना मिलने पर वह पार्टी छोड़कर सपा में शामिल हो गए। समाजवादी पार्टी ने कैराना से नाहिद हसन व सहारनपुर नगर से संजय गर्ग को फिर टिकट दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव तो मैनपुरी की करहल आर शिवपाल सिंह यादव इटावा के जसवंतनगर से चुनाव लड़ेंगे। सपा ने आठ ब्राह्मण व छह वैश्य समाज के नेताओं को भी टिकट दिया है।

21 विधायकों को फिर मिला टिकट

सपा की 159 सीटों में 28 सीटें ऐसी हैं जिसमें उसे 2017 में जीत मिली थी। इसमें से 21 सीटों पर फिर से अपने विधायकों को टिकट दे दिया है। सात सीटें ऐसी हैं जिसमें टिकट बदले गए हैं। हरिओम यादव व नितिन अग्रवाल भाजपा में चले गए हैं। मुरादाबाद व कुंदरकी का भी टिकट बदल दिया गया है।

बाहर से आए नेताओं को मिले टिकट

दूसरे दलों से सपा में आए नेताओं को बड़ी संख्या में टिकट दिए गए हैं। भाजपा सरकार में मंत्री धर्म सिंह सैनी को नकुड़ से टिकट मिला है। बसपा से सपा में शामिल हुए सीताराम कुशवाहा को झांसी से प्रत्याशी बनाया गया है। सीताराम 2012 और 2017 के विधान सभा चुनाव में बसपा से किस्मत आजमा चुके हैं। दोनों बार दूसरे स्थान पर रहे थे। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे आरएस कुशवाहा को सपा ने लखीमपुर खीरी के निघासन से टिकट दिया गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के करीबी विधायक रोशन लाल वर्मा को शाहजहांपुर की तिलहर सीट से टिकट दिया गया है। वहीं, नीरज मौर्य को जलालाबाद से टिकट दिया गया है।

पिछड़ों के खाते में आए 71 टिकट

सपा की 159 प्रत्याशियों की पहली सूची में 71 उम्मीदवार पिछड़ी जातियों से हैं। यानी सपा ने पिछड़ी जातियों पर दांव चलते हुए करीब 45 प्रतिशत टिकट देकर अपने एजेंडे को धार दी है। इस बार अति पिछड़ी जातियों को अधिक संख्या में टिकट दिए गए हैं। सूची में 18 यादव, सात कुर्मी व सात जाट बिरादरी को टिकट दिए गए हैं।  

Edited By: Dharmendra Pandey