योगी कैबिनेट की बैठक आज, 1.22 लाख शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेज इलाज की मिल सकती है सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और परिवहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

योगी कैबिनेट की बैठक आज। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
चार एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ता चुने जाएंगे।
अस्पतालों का पीपीपी मॉडल पर संचालन होगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके आवास पर होने वाली कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास, परिवहन और साइबर सुरक्षा समेत करीब डेढ़ दर्जन से अधिक प्रस्ताव आने की संभावना है।
बैठक में अशासकीय सहायताप्राप्त, वित्तविहीन और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कार्मिकों और उनके आश्रितों को भी यह सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। प्रदेश में 1.22 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं।
इसके अलावा अंबेडकरनगर, बांदा, बरेली व चित्रकूट स्थित 200 बेड या उससे बड़े चार बड़े चिकित्सालयों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल पर संचालित करने और स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, प्रयागराज की क्षमता 1250 से बढ़ाकर तीन हजार बेड करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
औद्योगिक विकास विभाग के चार एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
इसके साथ ही विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने वाली नीति और उत्तर प्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति के तहत गठित समितियों की संस्तुतियों पर अनुमोदन प्राप्त करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सैनिक स्कूल, मैनपुरी में निर्माण कार्यों के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निश्शुल्क देने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 को भारत सरकार से वापस लेकर उसमें संशोधन करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
औद्योगिक विकास विभाग की ओर से एफडीआइ, विदेशी पूंजी निवेश और फार्च्यून-500 कंपनियों से संबंधित निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुतियों पर स्वीकृति ली जाएगी। कंपनियों के मर्जर(विलय) व डीमर्जर(बंटवारा) और कारपोरेट पुनर्गठन के मामलों में दो से पांच प्रतिशत तक स्टांप शुल्क लगाने के लिए भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 और पंचायत राज (सामान्य निवास अवधारण) नियमावली-2026 को भी स्वीकृति मिल सकती है।
न्याय विभाग की ओर से प्रयागराज के देवघाट झलवा में इलाहाबाद हाई कोर्ट के क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति तथा धनराशि जारी करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा राज्य पशुधन मिशन से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
