लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में 15,950 करोड़ रुपये की लागत से चार डाटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट की बैठक में इसके सहित कुल 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

निवेश करने वाली कंपनियों को उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति 2021 के तहत कई तरह की छूट दिए जाने को मंजूरी दी गई है। इन चार डाटा सेंटर पार्क के स्थापित होने से चार हजार युवाओं को नौकरियां मिलेंगी। उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को नीति के तहत पूंजी उत्पादन, ब्याज उत्पादन, भूमि के क्रय व पट्टे पर स्टांप ड्यूटी में छूट तथा ऊर्जा से संबंधित वित्तीय प्रोत्साहनों के अतिरिक्त विभिन्न गैर वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाते हैं।

इसके अंतर्गत मेसर्स एनआइडीपी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को गैर वित्तीय प्रोत्साहन व अन्य तीन निवेशकों मेसर्स एनटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर्स एंड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड परियोजना-1 व अदाणी एंटरप्राइजेज परियोजना-2 को वित्तीय व गैर वित्तीय प्रोत्साहन को नीति क्रियान्वयन इकाई की बैठक में संस्तुति के उपरांत निवेशकों को छूट दिए जाने की स्वीकृति दी गई। बुंदेलखंड व पूर्वांचल क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाने की भी व्यवस्था है।

मालूम हो कि इंटरनेट मीडिया, बैकिंग, खुदरा, स्वास्थ्य सेवा, यात्रा व पर्यटन एवं अन्य ट्रांजेक्शन में बहुत अधिक डाटा उत्पन्न होता है, जिसके संग्रहण के लिए डाटा सेंटर का उपयोग किया जाता है। अभी देश का अधिकांश डाटा देश के बाहर संरक्षित किया जा रहा है।

डाटा सेंटर की महत्ता को देखते हुए ही उत्तर प्रदेश सरकार ने डाटा सेंटर नीति-2021 बनाईं। इसके तहत राज्य में 250 मेगा वाट डाटा सेंटर उद्योग विकसित किए जाने और 20 हजार करोड़ के निवेश से कम से तीन अत्याधुनिक निजी डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

Edited By: Umesh Tiwari