यूपी बनेगा टेक नवाचार का नया हब: लखनऊ और नोएडा में 'यू-हब' स्थापित करने को कैबिनेट की मंजूरी
यूपी कैबिनेट ने लखनऊ और नोएडा में 'यू-हब (डीप-टेक हब)' स्थापित करने को मंजूरी दी है। यह परियोजना एआई, क्वांटम ...और पढ़ें

यूपी बनेगा टेक का नया हब।
HighLights
लखनऊ और नोएडा में 'यू-हब' की स्थापना को कैबिनेट की मंजूरी।
100 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि से परियोजना का शुभारंभ होगा।
एआई, क्वांटम तकनीक स्टार्टअप्स को मिलेगा एकीकृत विश्वस्तरीय मंच।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अब प्रदेश केवल उद्योगों का ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार का भी बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है। कैबिनेट ने लखनऊ और नोएडा में ‘यू-हब (डीप-टेक हब)’ स्थापित करने को स्वीकृति दे दी है। 100 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि से शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों से जुड़े स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय सुविधाएं, अनुसंधान, निवेश और उद्योगों का सहयोग एक ही मंच पर मिलेगा।
यू-हब स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। यहां विश्वस्तरीय अवसंरचना, पूंजी तक पहुंच, उद्योग-अकादमिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। यू-हब का विकास द्वि-स्थलीय माडल पर होगा। नोएडा केंद्र में क्वांटम एवं एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन व ओएसएटी, फिजिकल एआई, रोबोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी और उन्नत जैव प्रौद्योगिकी पर काम होगा।
वहीं लखनऊ केंद्र में एप्लीकेशन आधारित एआई, गवटेक, हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल एआइ, कृषि जैव प्रौद्योगिकी और डायग्नोस्टिक्स से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका संचालन 11 सदस्यीय निदेशक मंडल करेगा, आईआईटी कानपुर के निदेशक पदेन अध्यक्ष होंगे। दोनों केंद्रों के संचालन, निवेश आकर्षित करने, साझेदारी विकसित करने और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया जाएगा।
पहले चरण में लखनऊ और नोएडा में प्रत्येक केंद्र पर 25 हजार वर्ग फुट क्षेत्र विकसित कर को-वर्किंग स्पेस, प्रोटोटाइपिंग लैब, बैठक कक्ष, निवेशक क्षेत्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। अंतरिम व्यवस्था के तहत नोएडा में एक लाख वर्ग फुट अतिरिक्त क्षेत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। आगे नोएडा में चार लाख वर्ग फुट और लखनऊ में दो लाख वर्ग फुट क्षेत्र में स्थायी अत्याधुनिक डीप-टेक परिसर विकसित किए जाएंगे।
परियोजना के लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजटीय प्रविधान किया गया है। अगले तीन वर्षों में इस पर 387.50 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि यू-हब से अनुसंधान के व्यावसायीकरण, निवेश आकर्षित करने, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स की सफलता और विस्तार दर बढ़ाने के साथ उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
