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UP Budget Session: विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ बोले, सरकारी पैसे का लीकेज रोका; भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया और मजबूत किया वित्तीय अनुशासन

By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Fri, 20 Feb 2026 04:04 PM (IST)

UP Budget Session 2026: बजट हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

विधान सभा बजट सत्र 2026- 2027 में मुख्यमंत्री का संबोधन।

विधान सभा बजट सत्र 2026- 2027 में मुख्यमंत्री का संबोधन।

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश बजट अभिभाषण पर सदन में चर्चा पर मुख्यमंत्री का जवाब

  2. उत्तर प्रदेश को देश के अंदर टॉप थ्री राज्यों में पहुंचाया

  3. स्पष्ट नीति और शुद्ध नीयत से बदला प्रदेश का परसेप्शन

  4. वित्तीय प्रबंधन से मजबूत हुई विकास की नींव

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन बजट अभिभाषण पर हुई चर्चा पर सदन में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करने के साथ नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय की चुटकी भी ली।

विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार बजट सत्र में सत्ता पक्ष के 109 माननीय सदस्यों और प्रतिपक्ष के 58 मान्य सदस्यों ने कुल 167 समेत अगर में देखा तो लगभग 169 सदस्यों ने इस पूरी चर्चा में हिस्सा लिया। इस पूरी चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के 21 और विपक्ष के 15 मान्य सदस्यों ने चर्चा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। मैं इन सभी को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इस पूरी चर्चा को सार्थक बनाकर के इस बात को साबित किया है कि वास्तव में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था के रूप में विधायिका अपनी जिम्मेदारियां का निर्माण कर रहा है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने लीकेज रोके, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है और प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रति परसेप्शन में देश-विदेश में व्यापक बदलाव आया है। आज प्रदेश का नागरिक सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। यह परिवर्तन स्पष्ट नीति, पारदर्शी कार्यशैली और शुद्ध नीयत का परिणाम है।

कर्जमाफी का निर्णय भी बना वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब लघु एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी का निर्णय लिया गया, तब भी सवाल उठे थे कि संसाधन कहां से आएंगे। सरकार ने किसी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लिए बिना, बजट संसाधनों से 86 लाख किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए। यह वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के कुशल प्रबंधन का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पीएलए (पर्सनल लेजर अकाउंट) प्रणाली में सुधार कर अनावश्यक रूप से धन के डंप होने की प्रवृत्ति को रोका। योजनाओं के लिए आवश्यकतानुसार ही धन जारी किया जा रहा है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। वित्तीय अनुशासन के कारण ही राजकोषीय प्रबंधन संतुलित हुआ है और विकास परियोजनाओं को गति मिली है।

सीडी रेशियो में सुधार, प्रदेश में ही हो रहा निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो लगभग 43-44 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 61-62 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसका अर्थ है कि उत्तर प्रदेश के नागरिकों द्वारा बैंकों में जमा किया गया धन अब अधिक मात्रा में प्रदेश के भीतर ही निवेश हो रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर उद्योग, व्यापार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं और उनके अनुरूप ही परिश्रम भी किया जा रहा है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पूंजीगत निवेश की रणनीति ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान का रास्ता संवाद हो सकता है और संवाद के माध्यम से इस सदन में साबित किया है। मुझे लगता है कि जो भी एजेंडा था सदन का उसे पूरे एजेंट को सदन में पूरा किया है और एजेंट कैंपस सदन के कार्रवाई चली है। मैं धन्यवाद दूंगा अपने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे जी को उनकी सहायताओं की सफलता सबको आकर्षित करती है और वे स्वस्थ रहें। शिवपाल जी का श्राप उन पर न लगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा वित्तीय प्रबंधन बेहतर है और इस वित्तीय प्रबंधन के लिए ही आज देश भर के बैंकर्स अप पर विश्वास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2016–17 में प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹43,000 के आस-पास थी। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक अर्थात 31 मार्च तक यह ₹1,20,000 से अधिक हो चुकी होगी। क्या ₹43,000 और ₹1,20,000 के बीच कोई अंतर नहीं है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे उत्तर प्रदेश का नागरिक देश के अंदर या दुनिया के अंदर कहीं जाता है तो दुनिया भरोसे चेहरा सामने वाले का चेहरा चमकता है। हमारी नीतियों के कारण स्पष्ट नीति और शुद्ध नियत के नाते यह परिवर्तन देखने को मिला है। परिवर्तन का परिणाम है कि हम लोगों ने उत्तर प्रदेश को आज देश के अंदर टॉप थ्री राज्यों के अंदर पहुंचाया है। मैंने इसलिए ही कहा है कि स्वस्थ रहें क्योंकि उत्तर प्रदेश का तब देश का टॉप की अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश यहां पर इस पूरी चर्चा में भाग लेने के लिए यहां पर भाग लिया है। उन सभी ने बहुत अच्छे सुझाव दिए इस मामले में दिए हैं कहां से पैसा आएगा। हमने नौ लाख 12000 करोड रुपए का बजट प्रस्तुत कर दिया है कि आपके पास पैसा कहां से आएगा अपने टारगेट ही रखा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का सत्र 2026-27 का बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार कोई सीएम दसवीं बार बजट पेश कर रहा है। 31 मार्च को नया बजट आने के बाद सभी विभागों की कार्य योजना तैयार रहें। सभी विभाग अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करेंगे। 2016 2017 में राजकोषीय घाटा चार प्रतिशत से ज्यादा था। अब हम 2026-27 में जीडीपी 40 लाख करोड़ रुपये के पार तक पहुंचाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने अपने बजट से किसी बैंक से कर्जा नहीं लिया। किसी वित्तीय संस्थान से कर्ज नहीं लिया है। हमने तो देश और प्रदेश के अंदर 86 लाख किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया था। उत्तर प्रदेश के अंदर सभी बातों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर बनना प्रारंभ हुआ तो आज यह लगभग 6162 तक पहुंच चुका है। जिस राज्य के पास सबसे बड़ा नेटवर्क होगा, सस्ता मैन पावर होगा और कुशल मैन पावर होगा वह राज्य बड़े औद्योगिक निवेश को करने में सफल हो सकता है।