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यूपी के किसानों को अब नहीं होगी खाद की किल्लत, सरकार ने बी-पैक्स की ब्याजमुक्त कर्ज लिमिट 10 से बढ़ाकर की 15 लाख

Published: Fri, 14 Aug 2026 06:58 PM (IST)Updated: Fri, 14 Aug 2026 07:10 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण बी-पैक्स समितियों के लिए ब्याजमुक्त ऋण की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. बी-पैक्स ऋण सीमा 10 से 15 लाख हुई।

  2. किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

  3. उत्तर प्रदेश की पहल की केंद्र ने सराहना की।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत बहुद्देशीय प्राथमिक सहकारी कृषि ऋण समितियों (बी-पैक्स) को कारोबार करने खासकर किसानों को खाद मुहैया कराने के लिए ब्याजमुक्त ऋण देने की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। कार्यशील पूंजी पांच लाख रुपये बढ़ जाने से समितियां अब किसानों को बिना किसी बाधा के पर्याप्त मात्रा में खाद मुहैया करा सकेंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव बैंक की 61वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में इसकी घोषणा की थी, अब इससे संबंधित फाइल को अनुमोदित कर दिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के मुताबिक अब तक समितियां सीजन में एक ट्रक यूरिया और एक ट्रक डीएपी मंगाती थी।

बीच में ही खाद मंगाती रहेंगे समितियां

जब खाद की पूरी बिक्री हो जाती थी उसके बाद समितियांं फिर से खाद का आर्डर कर पाती थीं। इस प्रक्रिया में कई बार समितियों पर दो-चार दिनों के लिए खाद उपलब्ध नहीं रहने से किसानों को असुविधा होती थी। समितियों की कार्यशाली पूंजी पांच लाख रुपये बढ़ जाने से यह दिक्कत अब नहीं आएगी। समितियां बीच में ही खाद मंगाती रहेंगी।

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चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सक्रिय लगभग 7000 बी-पैक्सों ने 7000 करोड़ रुपये का कारोबार करते हुए 176 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। यूपी इकलौता ऐसा राज्य है जहां पर सरकार समतियों को ब्याजमुक्त ऋण मुहैया करा रही है। प्रदेश की इस अनूठी पहल की सराहना केंद्र सरकार ने भी की है।