यूपी में उद्यमिता की नई लहर: 65 विभागों के 4675 नियम खत्म, स्टार्टअप्स के लिए सरकार दे रही 15 लाख तक की सीड कैपिटल
योगी सरकार 'आत्मनिर्भर यूपी' के तहत युवाओं को उद्यमी बनाने पर जोर दे रही है, जिसके लिए रायबरेली में 'यूपी ...और पढ़ें
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HighLights
युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनाने का लक्ष्य।
सरकार ने 4675 नियम खत्म किए, व्यापार सुगमता बढ़ी।
स्टार्टअप्स को ₹15 लाख तक की सीड कैपिटल और अन्य प्रोत्साहन।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने और युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रायबरेली के फिरोज़ गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 'यूपी राइज: संवाद, संकल्प, सफलता' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाना है—ताकि वे केवल नौकरी तलाशने वाले (जॉब सीकर) न बनकर, अपना उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाले (जॉब क्रिएटर) बनें। 500 से अधिक छात्र-छात्राओं की मौजूदगी में इस कार्यक्रम ने युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार के नए रास्ते दिखाए।
डेमोग्राफिक डिविडेंड और महिलाओं का बढ़ता वर्चस्व
कार्यक्रम में ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के चेयरमैन और जीएसटी ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के सदस्य मनीष खेमका ने प्रदेश के मजबूत स्टार्टअप ईकोसिस्टम की तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स है, जो राज्य का असली 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले यूपी में बमुश्किल 120 स्टार्टअप पंजीकृत थे, जबकि आज यह संख्या 24,000 के पार पहुंच चुकी है। सबसे खास बात यह है कि इनमें से 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं और राज्य में 8 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स खड़े हो चुके हैं।
सरकार की नीतियां और बिजनेस में आसानी
युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सरकार ने स्टार्टअप नीति 2026 के तहत कई बड़े कदम उठाए हैं। अब स्टार्टअप्स को ₹20,000 प्रति माह का सस्टेनेंस एलाउंस, ₹10 लाख तक का प्रोटोटाइप अनुदान और ₹15 लाख तक की सीड कैपिटल दी जा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए 65 विभागों के 4,675 पुराने और जटिल नियमों को समाप्त कर दिया गया है। यही कारण है कि राज्य में कारखानों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 31 हजार से अधिक हो गई है, जिससे यूपी निवेश और व्यापार के लिए देश के शीर्ष राज्यों में शुमार हो गया है।
एआई तकनीक और उभरते स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में तकनीकी विशेषज्ञों ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया। एआई कंसल्टेंट व मोबिलिटी विशेषज्ञ लता रस्तोगी और तकनीकी आर्किटेक्ट मनीष नाथ ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नई संभावनाओं और इमर्जिंग स्टार्टअप ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना जैसी लाभकारी नीतियों की जानकारी देकर छात्रों को उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
इनोवेशन का सम्मान: 12 आइडिया शॉर्टलिस्ट, विजेता पुरस्कृत
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण स्टार्टअप पिचिंग रहा, जिसमें कुल 12 बेहतरीन आइडियाज को शॉर्टलिस्ट किया गया। इनमें 'कृषि स्कैन', 'व्यापार सेतु', 'स्मार्ट केयर', 'जल रिसाव निवारण', 'लैब सेतु' और 'मोबाइल सहयोगात्मक रोबोट' जैसे इनोवेटिव आइडिया शामिल थे। सबसे शानदार प्रेजेंटेशन के लिए 'टीम मोबाइल सहयोगी रोबोट' के नवनीत यादव को ₹25,000 के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, उपविजेता के तौर पर ऋषभ श्रीवास्तव, शोज़ाब रिज़वी और 'टीम लैब सेतु' को भी पुरस्कृत किया गया। आने वाले दिनों में 'यूपी राइज' कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा, जो सीधे तौर पर युवाओं को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
