लखनऊ [आशीष त्रिवेदी]। उत्तर प्रदेश सरकार नकल के लिए लंबे समय तक बदनाम रहे प्रदेश की तस्वीर बदलने को नये जतन कर रही है। कम समय में परीक्षा कराने के बाद अब परीक्षा केंद्रों पर पहरा और कड़ा की जा रही है।

बीते वर्ष सरकार ने सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर लगाकर काफी हद तक नकलचियों को 'फेल' करने के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों की निगरानी और हाईटेक तरीके से करने जा रहा है। नकल की गुंजाइश खत्म करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स का प्रयोग किया जाएगा। हर कमरे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स लगाए जाएंगे, जिससे फरवरी में होने वाली बोर्ड की परीक्षा में नकल पर लगाम लगाई जाएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स परीक्षा कक्ष की नौ तरह से निगरानी करेगा और मुख्य नियंत्रण कक्ष को गड़बडिय़ां होने पर तुरंत अलर्ट भेजेगा। यह सीसी कैमरे को अगर ऑफलाइन यानी बंद किया गया तो तुरंत सूचना देगा। 

इसके अलावा विद्यार्थियों को कैमरे के फोकस से बाहर करने, कैमरे के साथ टेम्परिंग(छेड़छाड़) करने, उनके चेहरे को धुंधला करने पर यह ब्लर विजन अलर्ट के साथ गड़बड़ी होने का संदेश भेजेगा। कमरे में कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं घुस पाएगा। यह लोगों की गिनती भी करेगा और परीक्षा हॉल में भीड़ होने पर सूचना देगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स लाइव वीडियो रिकार्डिंग भी करेगा। कैमरे बंद करके नकल करवाना और सॉल्वर बैठाना अब मुश्किल होगा। 

डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के निर्देश पर नकल रोकने के लिए हो रही सख्ती का नतीजा है कि बीते साल 10.48 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा बीच में ही छोड़ दी थी। इस बार बीते वर्ष के मुकाबले दो लाख कम विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। अबकी 56 लाख परीक्षार्थी हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा देंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स ऐसे करेगा काम 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बॉक्स सिम कार्ड के माध्यम से सीसी कैमरे के सेटअप को क्लाउड सर्वर से जोड़ेगा। यह बॉक्स डाटा स्टोरेज के लिए हार्ड ड्राइव की तरह है और क्लाउड सर्वर को भी सपोर्ट प्रदान करेगा। इसमें वीडियो प्रबंधन सॉफ्टवेयर भी है। इसके चलते यह लगातार फीड बैक क्लाउड सर्वर पर भेजेगा। 

Posted By: Dharmendra Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप