लखनऊ, जेएनएन। UP Board Exam Result 2020:विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से देश के सबसे बड़े बोर्ड उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड कोरोना वायरस के कहर के बाद भी अपना शैक्षिक सत्र नियमित चलाने के प्रयास में हैं। इसी क्रम में इन दिनों बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन जोरों पर है। बोर्ड का प्रयास है कि 30 जून तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दे, जिससे कि शैक्षिक सत्र 2020-21 नियमित रहे। करीब 54 लाख छात्र-छात्राओं का इंतजार जल्द खत्म होगा।

प्रदेश में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा का कॉपियों के मूल्यांकन का काम गति पकड़ चुका है। जिलों में फिजिलक डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मूल्यांकन का काम जारी है। अब तक दसवीं और बारहवीं परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन का 84.75 प्रतिशत तक हो चुका है। जिनका मूल्यांकन हो चुका है, वह कॉपियों मुख्यालय में प्रेषित कर दी गई हैं। अब सभी की निगाहें यूपी बोर्ड के रिजल्ट के ऐलान पर टिकी हैं।

लॉकडाउन फेज थ्री की शुरुआत के साथ ही ग्रीन जोन में कापियों के मूल्यांकन का कार्य शुरू हुआ था। इसके बाद रेड और ऑरेंज जोन में भी सुरक्षित स्थानों पर कापियों का मूल्यांकन शुरू की गई। 23 मई तक कुल 3.10 करोड़ कॉपियों में से सवा दो करोड़ का मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया था। छात्र यूपी बोर्ड रिजल्ट 2020 राज्य सरकार द्वारा विभिन्न परीक्षा परिणामों के लिए बनायी गयी वेबसाइट, upresults.nic.in पर देख पाएंगे। जबकि परिणाम के सम्बन्ध में किसी भी अपडेट के लिए छात्र परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि दसवीं और बारहवीं के नतीजों का ऐलान 30 जून तक किया जा सकता है। कॉपियों के मूल्यांकन का काम 84.75 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मई के अंत तक सभी कॉपियों का मूल्यांकन कर लिया जाएगा। इसके बाद 30 जून तक परिणाम घोषित किया जा सकता है। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है। ऐसे में रिजल्ट 30 जून से पहले हर हाल में घोषित करने के प्रयास चल रहे हैं।

सत्र नियमित करने के प्रयास

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन के बाद भी यूपी बोर्ड 30 जून तक परिणाम रिजल्ट घोषित करने के प्रयास में इसलिए भी है, जिससे कि जुलाई से नया शैक्षिक सत्र शुरू हो सके। बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव 31 मार्च को रिटायर हो गईं थीं, लेकिन राज्य सरकार ने उनका कार्यकाल तीन और महीने के लिए बढ़ा दिया था ताकि दसवीं व बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा कराकर रिजल्ट तब तक घोषित किया जा सके।

यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक सम्पन्न हो गई थीं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मूल्यांकन का काम 26 मार्च तक पूरा कर रिजल्ट 24 अप्रैल को घोषित करने का प्रयास था। इसी बीच कोरोना वायरस का संक्रमण ऐसा बढ़ा की सारे काम ठप हो गए। अब मूल्यांकन के काम ने गति पकड़ी है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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