भामाशाह भाव स्थिरता कोष से यूपी के आलू किसानों को मिलेगी राहत, उद्यान मंत्री ने लॉन्च किया नया ऑनलाइन पोर्टल
उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को भाव गिरने पर राहत देने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष शुरू किया ...और पढ़ें

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HighLights
भामाशाह भाव स्थिरता कोष से आलू किसानों को राहत।
फसल के भाव गिरने पर सरकार देगी अनुदान।
शीतगृह भंडारण और आलू बीज पर भी मिलेगी छूट।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई नई योजना भामाशाह भाव स्थिरता कोष के सहारे आलू किसानों को भी राहत मिलेेगी। फसल के भाव गिरने पर सरकार की ओर से अनुदान देकर नुकसान की भरपाई की जाएगी।
सोमवार को उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने विभाग के नव विकसित आनलाइन पोर्टल https://potato.uphorticulture.in/ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर शुल्क में छूट व आलू बीज की खरीद पर अनुदान योजना का संचालन किया जाएगा।
उद्यान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की गई है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये की टोकन धनराशि का प्रविधान किया गया है। इसमें कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी।
बिक्री मूल्य के अंतर के बराबर दिया जाएगा अनुदान
भाव गिरने पर किसानों को निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर (जो भी कम हो) के बराबर अनुदान दिया जाएगा। प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल पर अनुदान मिलेगा। इससे लगभग 14 लाख किसान लाभांवित होंगे। लाभ लेने के लिए किसानों को आनलाइन आवेदन करना होगा।
अनुदान की धनराशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना का क्रियान्वयन एक जनवरी से 15 अप्रैल और एक जुलाई से 31 अक्टूबर के बीच होगा। लाभ के लिए क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र अनिवार्य होगा और किसान मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर या अपने प्रक्षेत्र पर बिक्री कर लाभ ले सकेंगे।
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मंत्री ने बताया कि इसके साथ आलू भंडारण प्रभार में छूट योजना के तहत 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति किसान अधिकतम 20,000 रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए पांच करोड़ रुपये की बीज विक्रय दर में छूट योजना लागू की गई है। इसमें विभागीय आधारीय आलू बीज के क्रय पर अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल की छूट दी जाएगी।
