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यूपी में युवाओं को मिल रहे मधुमक्खी पालन के 50 बक्से और फ्री ट्रेनिंग, खेती के साथ एक्स्ट्रा इनकम का शानदार मौका

Published: Sun, 20 Sep 2026 12:30 AM (IST)

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में किसानों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मधुमक्खी पालन को बड़े स्तर पर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. योगी सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर स्वरोजगार सृजित कर रही है।

  2. युवाओं को 90 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण और 40% सब्सिडी मिल रही है।

  3. यह योजना किसानों की आय और फसल उत्पादन बढ़ाएगी।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय में इजाफा करने के उद्देश्य से राज्य में मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यान विभाग की इस अहम पहल से न सिर्फ गांवों में रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं, बल्कि किसानों को अपनी पारंपरिक खेती के साथ-साथ एक बेहतरीन अतिरिक्त आय का जरिया भी मिल रहा है।

तीन प्रमुख केंद्रों पर 90 दिनों की विशेष ट्रेनिंग जारी

युवाओं को इस व्यवसाय में कुशल बनाने के लिए प्रदेश के तीन प्रमुख केंद्रों पर 90 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वर्तमान में कुल 76 प्रशिक्षणार्थी मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों का ककहरा सीख रहे हैं। इनमें बस्ती औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र में 15, सहारनपुर केंद्र में 29 और राजकीय मौनपालन प्रशिक्षण केंद्र प्रयागराज में 32 अभ्यर्थी शामिल हैं। आगामी 15 दिसंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य युवाओं को वैज्ञानिक तरीकों में दक्ष कर एक सफल और आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है।

कारोबार के लिए 40% की सब्सिडी और पूरा सेटअप

योजना के आर्थिक लाभों के बारे में जानकारी देते हुए उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम ने बताया कि राज्य सरकार इस व्यवसाय को शुरू करने वाले लाभार्थियों को इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक का भारी अनुदान उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक पूर्ण इकाई स्थापित कर के दी जाती है। इसमें 50 मौनवंशों (मधुमक्खी कालोनियों) और मधुमक्खी गृहों (बक्सों) के साथ-साथ शहद निकालने और उसके रख-रखाव के लिए जरूरी सभी आधुनिक उपकरण शामिल होते हैं, ताकि उद्यमी को शुरुआत में कोई आर्थिक बोझ न सहना पड़े।

शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की पैदावार में भी होगा इजाफा

प्रदेश सरकार की यह योजना किसानों के लिए दोहरे मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस वित्तीय और तकनीकी मदद से किसान बेहतरीन गुणवत्ता वाले शहद और उसके सह-उत्पादों (By-products) का उत्पादन कर बाजार से अच्छा मुनाफा कमाएंगे। इसके अलावा, खेतों के आसपास मधुमक्खी पालन होने से प्राकृतिक परागण (Pollination) की प्रक्रिया में जबरदस्त वृद्धि होती है, जो अंततः फसलों और फलों की उत्पादकता को कई गुना बढ़ा देती है।