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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाराबंकी युवती हत्याकांड: मां ने पैर और भाई ने कसा था बहन का गला; मुआवजे की लालच में रची दुष्‍कर्म की साजिश

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Mon, 25 Jan 2021 08:04 PM (IST)Updated: Tue, 26 Jan 2021 07:42 AM (IST)

UP Barabanki Dalit Girl Murder Case16 जनवरी की रात भाई ने ही मां और पिता संग मिलकर बहन का गला ...और पढ़ें

बाराबंकी युवती हत्याकांड: भाई ने ही मां और पिता संग मिलकर बहन का गला दुपट्टे से कसा था, तीनों गिरफ्तार।
बाराबंकी युवती हत्याकांड: भाई ने ही मां और पिता संग मिलकर बहन का गला दुपट्टे से कसा था, तीनों गिरफ्तार।

बाराबंकी, जेएनएन। UP Barabanki Dalit Girl Murder Case: मानसिक मंदित युवती के हत्याकांड का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। 16 जनवरी की रात भाई ने ही युवती का गला कसकर हत्या की थी। इस दौरान मां ने युवती के पैर पकड़ रखे थे, जबकि पिता सड़क किनारे रेकी कर रहा था। हत्या में शामिल युवती के पिता मंशाराम, मां मीना कुमारी और भाई हरिओम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आइजी डॉ. संजीव गुप्ता ने भी आरोपितों से पूछताछ की।

एसपी यमुना प्रसाद ने डीएम डॉ. आदर्श सिंह की मौजूदगी में बताया कि कोठी के कौरहापुरवा के कोटेदार मंशाराम की मानसिक मंदित पुत्री आरती देवी का शव 17 जनवरी की शाम जैदपुर के बीबीपुर में सरसों खेत में मिला था। घर से करीब 500 मीटर दूर मिला युवती का शव नग्नावस्था में था और उसका गला दुपट्टे से कसा था। साथ ही उसके गुप्तांगों पर चोट के निशान थे। पिता ने दुष्कर्म के बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वैज्ञानिक पद्धति और मैनुअल तरीके से आठ दिन तक गहन जांच पड़ताल और करीब 70 लोगों को सूचीबद्ध कर पूछताछ के बाद राजफाश किया गया है।

इन बातों से हुआ शक : मौके से मिली चप्पल का नंबर चार था, जबकि मृतका के पैर का साइज सात नंबर का था। पूछताछ में पता चला कि युवती चप्पल पहनती ही नहीं थी। इसी प्रकार गले में कसा दुपट्टा उसका बताया गया, जो वह पहनती ही नहीं थी। घटनास्थल के करीब खेत में काम करने वाले युवक से हुई बात और पुलिस को दिए गए बयान में विरोधाभास और पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि न होने से पुलिस का शक गहराता गया। बरामद चप्पलों में गोबर लगा था, जोकि उसकी मां मीना के थे। इसकी पूछताछ में भी पुष्टि हुई।

इसलिए रची साजिश : युवती के मानसिक मंदित होने के कारण घर वालों को शर्मिंदा होना पड़ता था। इसलिए उसका भाई करीब तीन माह से उसे मारने की साजिश बना रहा था, पर मां-बाप तैयार नहीं हो रहे थे। आखिरकार एक सप्ताह पूर्व इकलौते पुत्र की जिद के कारण मां-बाप ने भी हामी भर दी और फिर वारदात कर दी। अक्टूबर 2020 में सतरिख में अनूसूचित जाति किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या में परिवारजन को मिली आर्थिक मदद की जानकारी होने के कारण सरकारी मदद लेने की लालच से गुप्तांग में चोट लगाकर दुष्कर्म का रूप देने की कोशिश की थी।