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'श्री राम चन्द्र कह गए सिया से...', रागिनी सोनकर की शायरी के बाद मेज थपथपाने लगे विधायक, मंत्री ने भी शेर से दिया जवाब

Published: Tue, 17 Feb 2026 06:26 PM (IST)

उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विज्ञान शिक्षकों की कमी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शायरी के ...और पढ़ें

मंत्री गुलाब देवी और रागिनी सोनकर

मंत्री गुलाब देवी और रागिनी सोनकर

HighLights

  1. विधानसभा में विज्ञान शिक्षा पर शायरी के जरिए तीखी बहस।

  2. सपा विधायक ने शिक्षकों और प्रयोगशालाओं की कमी उठाई।

  3. मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के सरकारी प्रयास बताए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान सभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में शायरी से भी एक-दूसरे पर वार हुआ। विज्ञान शिक्षकों की कमी जैसे गंभीर मुद्दे पर सपा की डा. रागिनी सोनकर ने शायरी के जरिए सियासी तीर छोड़ा तो माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने भी एक कविता सुनाकर उसका जवाब दिया।

मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। यह मामला डा. रागिनी ने इंटर कालेजों में विज्ञान संकाय, प्रयोगशालाएं और स्थायी शिक्षकों की कमी को लेकर उठाया था।

उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश के कई सरकारी और अनुदानित इंटर कालेजों में विज्ञान शिक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और छात्र-शिक्षक अनुपात असंतुलित है, जिससे डाक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाले गरीब बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

अपनी बात को धार देते हुए डा. रागिनी ने सदन में शायरी पढ़ी...“श्री राम चन्द्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा, मेरे नाम से सत्ता पाकर सबको आंख दिखाएगा। धर्मों को लड़वाएगा और जाति को बटवाएगा, सभी गरीब के बच्चों को बिन शिक्षा रौंदा जाएगा।” शायरी खत्म होते ही विपक्षी बेंचों से मेज थपथपाने की आवाजें गूंजने लगी। उन्होंने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की समय सीमा भी पूछी।

जवाब में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने भी काव्यात्मक अंदाज में पलटवार किया...“जानकर अंजान बने, ये कुछ और बात है, इनको मालूम न हो, ये कुछ और बात है। सूर्य की किरणें कितनी भी चमचमाएं, लेकिन सागर को सुखा नहीं सकती हैं।” इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भी मेजें थपथपाई गईं।

मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से भर्तियां और आधारभूत ढांचे का विकास कर रही है। शायरी के इस सियासी संग्राम ने सदन का भी माहौल खुशनुमा बना दिया।