लखनऊ, [जितेंद्र शर्मा] । UP Assembly Session 2022: फंस-फंसकर बैठे हैं, पढ़ने में मन नहीं लग रहा...। धीरे-धीरे बताइए, हम समझ नहीं पाए...। शोर नहीं, आपस में बातें मत कीजिए...। चिंता न करिए, धीरे-धीरे सब समझ में आ जाएगा, बस ध्यान लगाइए। जी हां, बिल्कुल किसी क्लास रूम जैसा ही नजारा विधानसभा का था और विधायकों का अंदाज-व्यवहार स्कूली बच्चों जैसा। ई-विधान की क्लास ऐसी, जहां कुछ बच्चे शरारती थे तो कुछ गंभीर।

किसी के लिए पढ़ाया जा रहा पाठ कतई आसान था तो अधिकांश के पसीने छूटे जा रहे थे। चूंकि, यह राजनीतिज्ञों की पाठशाला थी, इसलिए राजनीति आउट आफ सिलेबस कैसे हो जाती। यह समझने की बात है कि तमाम विपक्षी विधायकों का पढ़ने में मन नहीं लग रहा था और उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही में सीखने की लगन-ललक दिख रही थी।

उत्तर प्रदेश की विधानसभा को कागजरहित बनाते हुए ई-विधान को लागू कर दिया गया है। सभी विधायकों के लिए सीट आवंटन कर वहां टैबलेट लगा दिए गए हैं। नेशनल ई-विधान एप बनाया गया है। सोमवार को विधानमंडल का सत्र शुरू हो रहा है। विधानसभा का सत्र डिजिटल होगा, इसलिए विधायकों के लिए शनिवार को विधानसभा मंडप में ई-विधान प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायकों को ई-विधान की उपयोगिता समझाई। इसके साथ ही प्रशिक्षण शुरू होना था, लेकिन कई विधायक टैबलेट चालू ही नहीं कर पा रहे थे। हर ब्लाक में एनआइसी और विधानसभा सचिवालय के कर्मी सहयोग के लिए मुस्तैद थे। उन्हें एक-एक सीट पर जाकर मदद की। फिर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने तकनीकी प्रशिक्षण शुरू किया कि शोर होने लगा आवाज नहीं रही, आवाज नहीं रही...।

खैर, अधिकारियों ने उपसभापति की मेज से बोलना शुरू किया। तभी सपा विधायकों ने शिकायत शुरू कर दी। रोडवेज बस की तरह बैठे हैं। चार लोग एक साथ बैठ नहीं पा रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कुर्सियां-मेज नहीं बदली हैं। पहले बैठ जाते थे तो अब क्यों नहीं। चुटकी ली आपका साइज बढ़ गया होगा। प्रशिक्षकों ने बताना शुरू किया तो कुछ विधायक ताका-झांकी करने लगे। वहां शोर भी होने लगा। तब महाना ने टोका कृपया शांत रहिए, आपस में बातें मत कीजिए।

बसपा विधायक ओमप्रकाश सिंह काफी जिज्ञासु नजर आए। बार-बार सवाल कर समझते रहे। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी सीखने का प्रयास कर रहे थे। वहां दिए गए पैम्फ्लेट को गौर से पढ़ रहे थे। वहीं, सदन के वरिष्ठतम और उम्रदराज सदस्य सुरेश खन्ना और सूर्यप्रताप शाही में ललक ऐसी कि बार-बार एनआइसी कर्मियों को बुलाकर पूछते।

फिर कुछ समझ न आया तो खन्ना अपनी सीट से उठकर पीछे बैठे ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की बगल में पहुंच गए। उनके टैबलेट पर कुछ समझा और वापस आ गए। इसी बीच, भाजपा के ही विधायक पूरन प्रकाश खड़े होकर कुछ पूछने लगे तो महाना बोले कि आप पहली कक्षा में है और पीएचडी का प्रश्न कर रहे हैं। तभी शाही खड़े हुए और बोले कि हम प्लेग्रुप के छात्र हैं, इतनी जल्दी कैसे सीखेंगे? तब विधानसभा अध्यक्ष हंसे और बोले- आज पहली क्लास है।

धीरे-धीरे सीख जाएंगे। तभी सपा विधायक विशंभर सिंह यादव बोले अध्यक्ष जी, पढ़ने में मन नहीं लग रहा। फंस-फंसकर बैठे हैं। उन्हें भी जवाब मिला कि वजन बढ़ गया होगा। हालांकि, इसके बाद महाना ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि नकारात्मकता को छोड़कर आगे बढ़ेंगे तो सीख जाएंगे। नेशनल ई-विधान एप (नेवा) सेवा केंद्र में जाकर विधायक कभी भी प्रशिक्षण ले सकते हैं। यह भी गौर करने वाली बात है कि क्लास मानिटर यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित नहीं थे तो कई विधायक-मंत्री क्लास बंक भी कर गए। वह आए ही नहीं।

नए विधायकों को मिलेंगे टैबलेट : सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि कई नए विधायकों के पास लैपटाप या टैबलेट नहीं है। वह घर से कैसे अपने प्रश्न या याचिका लगाएंगे। इस पर महाना ने आश्वस्त किया कि वह संसदीय कार्यमंत्री से बात करेंगे कि जैसे पिछली बार विधायकों को टैबलेट दिए, वैसे ही नए विधायकों को भी दिए जाएं।

कुछ दिन लाना होगा कागज-कलम : बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा कि प्रश्न घर से आनलाइन भेज देंगे, लेकिन सप्लीमेंटरी प्रश्न यहीं लगाना होगा तो कैसे लगाएंगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ दिन तक कागज और कलम लेते आइए। इस बार सत्र में हार्डकापी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

पार्टी के झंडे का स्क्रीन सेवर लगाने में जुटे रहे सपा विधायक : सपा मुखिया ने एक फोटो ट्वीट किया, जिसमें सपा विधायकों के टैबलेट पर सपा के झंडे का स्क्रीन सेवर दिख रहा है। उस पर अखिलेश ने लिखा- सपा के हाईटेक विधायकों को बधाई। जिन्होंने कहा हम तस्वीर बदलकर रख देंगे... और कर भी दिखाया। दरअसल, जब प्रशिक्षण चल रहा था, तब सपा विधायक टैबलेट का स्क्रीन सेवर लगाने में जुटेदौ

Edited By: Prabhapunj Mishra