लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ शुक्रवार को बसपा विधानमंडल दल के नेता रहे लालजी वर्मा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर की भेंट नया गुल खिलाने वाली है। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय में शुक्रवार को अखिलेश यादव के साथ लालजी वर्मा और रामअचल राजभर के बीच करीब एक घंटे की मुलाकात के दौरान ही अम्बेडकरनगर में अखिलेश यादव की जनसभा आयोजित कराने का कार्यक्रम भी फाइनल हो गया।

अम्बेडकर नगर में बहुजन समाज पार्टी के दो कद्दावर नेताओं लालजी वर्मा के साथ ही रामअचल राजभर को समाजवादी पार्टी में शामिल कराने खुद पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जाएंगे। बहुजन समाज पार्टी की स्थापना के दौरान ही पार्टी से जुडऩे वाले लालजी वर्मा तथा रामअचल राजभर दस अक्टूबर को अम्बेडकर नगर में होने वाली अखिलेश यादव की जनसभा में समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे। बसपा से निष्कासित लालजी वर्मा के साथ रामअचल राजभर ने अखिलेश यादव के साथ करीब एक घंटे की मुलाकात में अम्बेडकरनगर की अखिलेश यादव की जनसभा का कार्यक्रम तय किया। लालजी वर्मा तथा रामअचल राजभर को ओबीसी वर्ग की राजनीति का बड़ा नेता माना जाता है।

अम्बेडकर नगर में दस अक्टूबर को प्रस्तावित सपा प्रमुख अखिलेश यादव की जनसभा में भीड़ जुटाकर अपनी सियासी ताकत भी दिखाना चाहते हैं। रामअचल राजभर और लालजी वर्मा बसपा के संस्थापक सदस्यों में से थे और कांशीराम के समय से ही पार्टी में जुड़े हुए रहे थे। इन दोनों ही नेताओं को मायावती का करीबी माना जाता था। इन दोनों का कद पार्टी में काफी बड़ा था। रामअचल राजभर बसपा सरकार में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। वह लम्बे समय तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव के पद पर भी रहे थे।

लालजी वर्मा भी बसपा की सरकारों में अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते रहे। बसपा विधायक दल के नेता थे। कुर्मी समुदाय से आने वाले लालजी वर्मा का अपना सियासी कद है। ऐसे में इनके बसपा छोड़कर सपा में जाने से अखिलेश यादव को सियासी ताकत भी मिलेगी।

बहुजन समाज पार्टी से विधायक रहे लालजी वर्मा उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के कटेहरी निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए हैं। वर्मा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के अवधेश कुमार को हराया था। अम्बेडनगर के मोहिउद्दीनपुर गांव में पांच जनवरी 1955 को जन्मे लालजी वर्मा ने कृषि विज्ञान से एमएससी किया है। उनकी पत्नी शोभावती भी राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रह चुकी हैं। वह जिला पंचायत अध्यक्ष भी रही हैं।

रामअचल राजभर अम्बेडकरनगर की अकबरपुर सीट से विधायक हैं। रामअचल राजभर ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत अकबरपुर ब्लॉक प्रमुख चुनाव से की थी। 1991 में वह बसपा से विधायक का चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। 1993 में वह फिर बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े और जीत हासिल की। इसके बाद वह 1996, 2002 और 2007 में विधायक बने। 2007 में बसपा की सरकार बनने के बाद उन्हेंं परिवहन मंत्री बनाया गया था। परिवहन मंत्री रहते राजभर ने इस क्षेत्र में लोगों को सुविधाओं की झड़ी लगा दी।

2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज 19 सीटों पर सिमट गई थी। इसमें भी सर्वाधिक चार विधायक अम्बेडकरनगर से जीते थे। बसपा का मजबूत गढ़ माने जाने वाले अम्बेडकर नगर जिले में अब बसपा के पास सिर्फ एक विधायक है।

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Edited By: Dharmendra Pandey