लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रायबरेली से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह के बागवती तेवर बरकरार है। लखनऊ में सोमवार को विधानसभा उपाध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के मतदान का बहिष्कार करने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी के समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने वाली अदिति सिंह ने अब प्रियंका गांधी वाड्रा के फैसले पर सवाल खड़ा कर दिया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में महिलाओं को 40 प्रतिशत सीट देने के कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के फैसले को अच्छी पहल बताने के साथ ही नसीहत भी दे दी। युवा विधायक अदिति सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी पहले खुद के हाथ मजबूत कर लें। इसके बाद वह कोई बड़ा फैसला लें। अदिति सिंह ने कांग्रेस के विधानसभा चुनाव 2022 में महिलाओं को 40 प्रतिशत सीटें देने के निर्णय को अच्छी पहल बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि महिलाओं को मुश्किल सीटें देने की जगह जिताऊ सीटें दी जाएं। ऐसा ना हो कि उन्हें हर जगह पर बलि का बकरा बना दिया जाए।

पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से कांग्रेस के विधायक अंगद सैनी की पत्नी अदिति सिंह से जब 2022 में प्रियंका गांधी के हाथ मजबूत करने की बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी पहले खुद के हाथ मजबूत कर लें। वह पहले खुद ही अपने आप को मजबूत कर लें। देश की सबसे पुरानी पार्टी में नेताओं को पार्टी में कैसे बनाए रखना है, सबसे पहले कांग्रेस पार्टी इस पर मंथन कर ले। अगर इस पर गहन मंथन किया गया तो ठीक रहेगा। पुराने नेता कांग्रेस को छोड़ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में अपने चुनाव लडऩे के बारे में अदिति सिंह ने कहा कि अभी तो कुछ तय नहीं किया है। अधिक से अधिक समय जनता को देना है। उनकी समस्या को वरीयता पर रखकर समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि चुनाव लडऩे की तैयारी चल रही है। लक्ष्य है कि इस बार फिर विधानसभा में पहुंचे। रायबरेली के दबंग विधायक स्वर्गीय अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह ने रायबरेली में ही कांग्रेस से बगावत कर रखी है।  

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Edited By: Dharmendra Pandey