लखनऊ, जेएनएन। UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भागीदारी संकल्प मोर्चा की लम्बी उड़ान की योजना खतरे में है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के मऊ में 27 अक्टूबर को ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के गठन के 19 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में होने वाली महापंचायत में शामिल होंगे। अखिलेश यादव के मऊ की महापंचायत में शामिल होने के कार्यक्रम के बाद से राजभर के भागीदारी संकल्प मोर्चा के दो मजबूत स्तंभ शिवपाल सिंह यादव और असदुद्दीन ओवैसी ने किनारा कर लिया है।

योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ओम प्रकाश राजभर ने नाराजगी के बाद मंत्रिमंडल से बाहर होने के फैसला किया। अपने चार विधायकों के साथ बाहर आने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ मुहिम छेड़ी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम प्रमुख) असदउद्दीन ओवैसी, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर तथा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव के साथ मिलकर भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाया। इस मोर्चा को वह भाजपा का भी बड़ा विकल्प बताते रहे। इसी बीच उनकी समाजवादी पार्टी के साथ नजदीकी बढ़ी और उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव के साथ भेंट के बाद सपा को समर्थन देने की घोषणा की। इसके साथ ही 27 को मऊ में भागीदारी संकल्प मोर्चा की महापंचायत में अखिलेश यादव को आमंत्रित किया। अखिलेश यादव के उनका निमंत्रण स्वीकार करने के साथ ही मऊ आने की सहमति देने पर राजभर के दो मजबूत स्तंभ बिदक गए हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी तथा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव को ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश के साथ आने का प्रयास भाया नहीं है। अखिलेश यादव से इनका छत्तीस 36 का आंकड़ा है। इसी कारण असदुद्दीन ओवैसी व शिवपाल यादव ने मऊ की महापंचायत से किनारा कर लिया है। ओवैसी ने 27 को अपना कार्यक्रम मुजफ्फरनगर में फाइनल कर लिया है तो शिवपाल सिंह यादव अपनी रथा यात्रा के साथ बरेली में रहेंगे।

ओमप्रकाश राजभर ने भले ही उत्तर प्रदेश के विधानसभा यूपी चुनाव में उतरने के लिए दस दलों का भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाया था, लेकिन अब यह खण्ड-खण्ड हो चुका है। शिवपाल यादव तथा असदुद्दीन ओवैसी तो अब लगभग किनारे हो गए हैं और भीम आर्मी के चन्द्रशेखर भी इनको लेकर गंभीर नही दिख रहे हैं। इन तीनों नेताओं का अखिलेश यादव के साथ आना फिलहाल तो संभव नहीं दिख रहा है।

ओमप्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर 2022 को सुहेेलदेव भारतीय समाज पार्टी का गठन किया और 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़े थे। योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद वह कैबिनेट मंत्री भी बने थे। वह अधिक दिन पद पर नहीं रह सके और भाजपा के साथ उनका साथ टूट गया। उन्होंने भाजपा विरोधी दलों का मोर्चा तो बना लिया था, लेकिन उन्हें अच्छे से पता था कि बिना किसी बड़े दल के साथ आये उन्हें सीटें नहीं मिल सकती हैं।  

Edited By: Dharmendra Pandey